Tulsi Ke Niyam: घर में तुलसी लगाते समय वास्तु के इन नियमों का जरूर करें पालन

tulsi Ke Niyam वास्तु शास्त्र की मानें तो घर के आंगन में तुलसी का पौधा लगाना बेहद शुभ होता है। आप चाहे तो घर के मुख्य द्वार पर भी गमले में तुलसी के पौधे लगा सकते हैं। तुलसी के पौधे ऊंचे और पवित्र स्थानों पर लगाएं।  Tulsi Ke Niyam: सनातन धर्म में तुलसी के पौधे का विशेष महत्व है। आयुर्वेद में भी तुलसी को शीर्ष स्थान प्राप्त है। इसके पत्ते का उपयोग मौसमी बीमारियों को दूर करने में किया जाता है। विशेषज्ञों की मानें तो तुलसी के पत्ते का काढ़ा बनाकर सेवन करने से सर्दी, खांसी और जुकाम में बहुत जल्द आराम मिलता है। सनातन शास्त्रों में निहित है कि जगत के पालनहार भगवान विष्णु को तुलसी अति प्रिय है। अतः भगवान विष्णु संग तुलसी जी की भी पूजा-उपासना की जाती है। धार्मिक मान्यता है कि रोजाना तुलसी जी की पूजा-आरती करने से भगवान विष्णु प्रसन्न होते हैं। उनकी कृपा साधकों पर अवश्य बरसती है। इससे घर में सुख और समृद्धि आती है। हालांकि, घर में तुलसी लगाते समय वास्तु नियमों का पालन जरूरी है। इससे घर में सुख और समृद्धि बनी रहती है। आइए, इन नियमों को जानते हैं-

वास्तु जानकारों की मानें तो तुलसी का पौधा घर की उत्तर दिशा में लगाएं। अगर उत्तर दिशा में पर्याप्त जगह नहीं है, तो पूर्व दिशा में लगाएं। वास्तु शास्त्र में निहित है कि उत्तर और पूर्व दिशा में देवी-देवता निवास करते हैं। अतः इन दिशाओं में तुलसी का पौधा लगाना शुभ होता है। इससे घर में सुख और समृद्धि आती है।

– रोजाना स्नान-ध्यान के बाद तुलसी जी को जल का अर्घ्य दें। साथ ही संध्याकाल में दीपक जलाकर आरती करें। इससे घर में सकारात्मक उर्जा का संचार होता है।

– सनातन शास्त्रों में निहित है कि तुलसी के पत्ते को रात में नहीं तोड़ना चाहिए। इसके अलावा, एकादशी तिथि पर भी तुलसी के पत्ते नहीं तोड़ने चाहिए। अगर एकादशी तिथि को तुलसी दल तोड़ते हैं, तो जगत के पालनहार भगवान विष्णु अप्रसन्न होते हैं।

– वास्तु शास्त्र की मानें तो घर के आंगन में तुलसी का पौधा लगाना बेहद शुभ होता है। आप चाहे तो घर के मुख्य द्वार पर भी गमले में तुलसी के पौधे लगा सकते हैं। तुलसी के पौधे ऊंचे और पवित्र स्थानों पर लगाएं।

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