ब्लॉगः साफ पानी के कारोबार से किसको क्या नुकसान

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विकास और औद्योगीकरण की होड़ के बीच पीने के लिए साफ पानी की उपलब्धता एक बड़ी समस्या के रूप में सामने है। भारत में बोतलबंद पानी के कारोबार को लेकर एक सर्वे रिपोर्ट बताती है कि यह सालाना तकरीबन 21 फीसदी के हिसाब से बढ़ रहा है। 2019 के आंकड़े गवाह हैं कि 160 अरब रुपये का यह कारोबार 2023 तक बढ़कर 460 अरब के स्तर पर पहुंचने वाला है। शहर में होने वाली शादियों से लेकर छोटी-बड़ी पार्टियों तक में बोतलबंद पानी न सिर्फ हमारी जरूरत बन गया है बल्कि आदत में शुमार होता जा रहा है। साफ पानी उपलब्ध कराने के नाम पर कंपनियों का कारोबार तेजी से पसर रहा है और शहरी क्षेत्रों में उनकी पैठ बढ़ती जा रही है।