यूपी चुनाव: क्या बीजेपी के पाले में पूरी तरह से हैं राजपूत वोटर्स?

0
8

जौनपुर: उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव () से पहले राजपूत वोटों की गोलबंदी शुरू हो गई है। राजनीतिक पार्टियों के तमाम दावों और विपक्ष के लगाते आरोपों के बीच भारतीय जनता पार्टी (Bhartiya Janata Party) फिलहाल राजपूत वोटों की लीड में नजर आती है। राजनीति के जानकारों का कहना है कि, प्रदेश में कोई और जाति बीजेपी से अपने जुड़ाव के लिए भले एक बार संशय में हो लेकिन () के कारण राजपूत बिरादरी के सारे वोटर फिलहाल बीजेपी के साथ दिखते हैं!

सीएम योगी आदित्यनाथ की गोरख पीठ को पूर्वांचल के राजपूतों की आराध्य पीठ कहा जाता है। योगी प्रदेश के देवीपाटन मंडल में भी अपना प्रभाव रखते हैं, और इस इलाके में क्षत्रिय वोटर्स की एक बड़ी संख्या है। जो लोग गोरखनाथ मंदिर की पीठ का इतिहास जानते हैं वह यह भी जानते हैं कि, इस मठ का प्रभाव राजपूतों में रहा है। एक लंबे वक्त तक गोरखपुर समेत पूर्वी उत्तर प्रदेश के आसपास के इलाकों में गोरखनाथ मंदिर से राजनीति तय होते रहे हैं। गोंडा से लेकर गोरखपुर तक और जौनपुर से प्रतापगढ़ तक महाराज जी का यही प्रभाव राजपूत वोटरों की गोलबंदी का कारण बन सकता है।

गैर यादव ओबीसी और फॉरवर्ड साथ मतलब जीत तय
पूर्वी उत्तर प्रदेश के तमाम जिलों में बीजेपी की रणनीति जाति प्लस विकास के समीकरण को साधने में दिखती है। योगी के प्रभाव से पूर्वांचल की तमाम सीटों पर राजपूत मतदाता बीजेपी के साथ दिखाई दे रहे हैं लेकिन सिर्फ इन वोटर्स से ही चुनाव नहीं जीता जा सकता। ऐसे में बीजेपी गैर यादव ओबीसी वोटर्स अपने पाले में करने के लिए जोर लगा रही है।

बीजेपी की कोशिश है, कि वह अगड़ी जातियों के साथ साथ ओबीसी वोटर्स को भी खुश करके साथ ले आए। पार्टी के तमाम नेताओं का कहना है कि अगर फॉरवर्ड प्लस नॉन यादव ओबीसी और फॉरवर्ड प्लस दलित का कांसेप्ट बीजेपी की मदद कर देता है, तो उसको विधानसभा चुनाव में किसी दिक्कत का सामना नहीं करना पड़ेगा।

पूर्वी उत्तर प्रदेश को साधने के लिए ही पूर्वांचल से लड़ रहे योगी
गोरखपुर मंडल और इसके आसपास के इलाकों की करीब 62 सीटों पर योगी के प्रभाव को देखते हुए ही बीजेपी ने उन्हें गोरखपुर की शहरी सीट से उम्मीदवार बना दिया है। बीजेपी की कोशिश है कि वह गोरखपुर में योगी को उम्मीदवार बनाकर अगल-बगल के जिलों की सारी सीटों पर कब्जा कर ले। पश्चिम उत्तर प्रदेश में कुछ विरोध का सामना का कर रही बीजेपी गोरखपुर से सटे इलाकों की तमाम सीटों को अपने पाले में करना चाहती है जिससे कि विधानसभा जीत का रास्ता और आसान हो सके।