रद्द नहीं होगी 14 सितंबर को हुई NEET परीक्षा, सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की याचिका

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नई दिल्ली
सुप्रीम कोर्ट ने उस याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें NEET-UG 2021 को कैंसल कर दोबारा नए सिरे से एग्जाम लेने की गुहार लगाई गई थी। याचिका में कहा गया था कि 12 सितंबर को हुई परीक्षा निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से नहीं कराई गई। उसमें पेपर लीक हुआ। लिहाजा, नए सिरे से पेपर लिया जाए। सुप्रीम कोर्ट ने याचिका खारिज कर दी।

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के वकील से सुप्रीम कोर्ट ने सवाल किया और कहा कि किस तरह से अनुच्छेद-32 के तहत रिट दाखिल की जाती है यह बताया जाए। नीट परीक्षा में लाखों स्टूडेंट्स बैठे थे। अदालत पेपर में दखल नहीं करने जा रही है और यह बात आप अच्छी तरह से जानते भी हैं। पांच एफआईआर दर्ज हुई हैं, लेकिन इस आधार पर हम साढ़े सात लाख स्टूडेट्स को परेशानी में नहीं डाल सकते। पेपर कैसे रद्द हो जाएगा? अदालत ने पहले कहा कि वह पांच लाख रुपये हर्जाना लगाएगी, लेकिन जब याचिकाकर्ता के वकील ने हर्जाना न लगाने की गुहार लगाई तो कोर्ट ने हर्जाना लगाने की बात वापस ले ली।

सुप्रीम कोर्ट में आवेदकों की ओर से दाखिल अर्जी में कहा गया था कि NEET-UG 2021 एग्जाम 12 सितंबर को आयोजित किया गया था। इसके पेपर लीक हुए हैं। याचिका में आरोप लगाया गया कि कुछ कोचिंग संस्थानों की साजिश और मिलीभगत है। इस मामले में पेपर कैंसल किया जाए क्योंकि इससे मेरिट वाले स्टूडेंट्स के हित प्रभावित हो रहे हैं। उसे प्रोटेक्ट किया जाना चाहिए और दोबारा एग्जाम लिया जाए।

याचिकाकर्ता की ओर से एडवोकेट ने कहा कि नीट एग्जाम के दिन सीबीआई ने केस दर्ज किया और चार लोगों को गिरफ्तार किया। साथ ही अन्य अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया। कहा गया है कि एग्जाम में हेरफेर किया गया। कुछ कैंडिडेट के बदले अन्य को प्रॉक्सी बनाया गया। इसके लिए कोचिंग संस्थानों ने प्रति कैंडिडेट 50 लाख रुपये चार्ज किए थे।

याचिका के मुताबिक, सीबीआई की ओर से इस मामले में एफआईआर दर्ज किया जाना यह दर्शाता है कि पेपर लीक हुआ है। इस मामले में कुछ कोचिंग संस्थानों की साजिश है और उसमें पेपर के जवाब तैयार करने वाले गैंग भी शामिल हैं।

याचिका में कहा गया कि सीबीआई के अलावा यूपी पुलिस, राजस्थान पुलिस और महाराष्ट्र पुलिस भी पेपर लीक मामले में अलग-अलग केस दर्ज कर छानबीन कर रही है। पहली नजर में साफ होता है कि नीट यूजी 2021 एग्जाम में धांधली हुई है। अनफेयर तरीका इस्तेमाल किया गया है। ऐसे में नीट का एग्जाम कैंसल होना चाहिए। नए सिरे से एग्जाम होना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि लाखों स्टूडेंट्स ने एग्जाम दिए हैं। ऐसे में उस कॉस्ट पर एग्‍जाम कैंसल नहीं किया जा सकता है।