विपक्षी दल झूठ और छल से उत्तराखंड की पावन भूमि को प्रदूषित करना चाहते हैं: नड्डा

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नई दिल्ली
भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के अध्यक्ष जे पी नड्डा ने बुधवार को कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी दलों पर ‘झूठ व छल’ की राजनीति करने व लुभावने वायदे कर ‘गायब’ हो जाने का आरोप लगाया। उन्होंने उत्तराखंड की जनता का आह्वान किया कि वह ऐसे राजनीतिक दलों से राज्य की पुण्य भूमि को ‘प्रदूषित’ ना होने दें। वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से उत्तराखंड में बीजेपी के सभी शक्ति केंद्र संयोजकों एवं प्रभारियों को संबोधित कर रहे नड्डा ने यह दावा भी किया कि पार्टी ने राज्य में एक विकासपरक और जनकल्याणकारी सरकार दी। उन्होंने दावा किया कि आने वाले विधानसभा चुनाव में बीजेपी अपनी नीतियों, केंद्र व प्रदेश सरकारों के विकास कार्यों और कार्यकर्ताओं के समर्पण के दम पर जीत हासिल करेगी।

बीजेपी अध्यक्ष ने कहा, ‘आज अन्य दलों के पास मुद्दे खत्म हो गए हैं, इसलिए वह झूठ और छल की राजनीति कर रहे हैं। हमें उनके झूठ व छल से उत्तराखंड की पुण्य भूमि को प्रदूषित नहीं होने देना है। झूठे और लुभावने वायदे और उसके बाद गायब हो जाने वाले लोगों की सच्चाई जनता के बीच लेकर जाना है।’ उन्होंने दावा किया कि केंद्र और प्रदेश सरकार ने उत्तराखंड में ‘अभूतपूर्व’ विकास किया है और उससे समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को लाभ हुआ है।

नड्डा ने कार्यकर्ताओं का आह्वान करते हुए कहा, ‘हमें इन सारी बातों को जनता के बीच लेकर जाना है। हमें बताना है कि भाजपा ने उत्तराखंड को विकासपरक और जनकल्याणकारी सरकार दी है। आगामी चुनाव में भी पार्टी की नीतियां, केंद्र व प्रदेश सरकारों के विकास कार्य और कार्यकर्ताओं के समर्पण के दम पर हम जीतेंगे और आगे बढ़ेंगे।’

विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए नड्डा ने आरोप लगाया कि अन्य राजनीतिक दल मानते हैं कि धनबल और बाहुबल से राजनीति संभव है जबकि भाजपा की शक्ति उसके कार्यकर्ताओं में निहित है और इस बात को विरोधी भी मानते हैं कि आज देश में कार्यकर्ता आधारित कोई पार्टी है तो वह भाजपा ही है।

भाजपा और अन्य राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं के बीच का फर्क बताते हुए नड्डा ने कहा, ‘हमें लगातार सफलता मिलती है क्योंकि बाकी सभी राजनीतिक दलों में कार्यकर्ता व्यक्तिनिष्ठ हैं जबकि भाजपा के कार्यकर्ता विचारनिष्ठ और कर्तव्यनिष्ठ होते हैं। यही वजह है कि दूसरे राजनीतिक दलों में नेता कमजोर हो गया, पार्टी कमजोर हो गई या परिवार कमजोर हो गया और इसके साथ वह दल भी नीचे चला जाता है।’

उन्होंने कहा, ‘चाहे कांग्रेस हो या वामपंथी दल हों या समाजवादी पार्टी हो या कोई दूसरे क्षेत्रीय दल। यह सब ना जाने कितनी बार टूट चुके हैं। कांग्रेस के न जाने कितने टुकड़े हुए हैं। तृणमूल कांग्रेस हो या राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी या फिर वाईएसआर कांग्रेस … सभी कांग्रेस से टूटकर बने हैं। वामपंथियों का हाल भी और बुरा है। एक दर्जन से ज्यादा पार्टिया टूटकर बनीं हैं। देश में एकमात्र भाजपा ही है, जो दशकों तक विपक्ष में रहने के बावजूद ना ही टूटी और ना ही बिखरी, बल्कि निरंतर शक्तिशाली होती चली गई क्योंकि हम कार्यकर्ता आधारित पार्टी हैं।’

नड्डा ने कोविड महामारी के खिलाफ लड़ाई में केंद्र सरकार द्वारा चलाए गए विभिन्न कार्यकमों व अभियानों की आलोचना के लिए विपक्षी दलों को आड़े हाथों लिया और आरोप लगाया कि ऐसा करके उन्होंने जनता को गुमराह करने की कोशिश की। उन्होंने कहा, ‘टीकाकरण अभियान जब आरंभ हुआ तो विपक्ष ने इसका मजाक उड़ाया, लोगों को गुमराह किया, टीकों की गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े किए। देश के नागरिक उनके राजनीतिक प्रपंच से भलीभांति परिचित है और उनकी साजिशों को नाकाम करते हुए उन्होंने टीकाकरण अभियान को दुनिया का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान बना दिया।’

तीन कृषि कानूनों के खिलाफ किसान संगठनों के आंदोलनों का जिक्र करते हुए भाजपा अध्यक्ष ने दावा किया कि भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने किसानों के हित में जितने कदम उठाए, उतने किसी अन्य सरकार ने नहीं उठाए। उन्होंने कहा, ‘मैं चुनौती देता हूं… आप तुलना कीजिए कांग्रेस की सरकारों में और हमारी सरकारों में, और बताइए लोगों को कि किसानों के प्रति समर्पित भाव से किसने काम किया। कांग्रेस बताए कि 10 साल के संप्रग (संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन) शासन में उन्होंने किसानों की भलाई के लिए कितने पैसे खर्च किए? ’ उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने 10 साल में एक बार किसानों का कर्ज माफ किया और उसमें भी घोटाले की खबरें सामने आई।

तीन बार रबी और खरीफ फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाए जाने, सॉइल हेल्थ कार्ड, नीम कोटेड यूरिया, फसल बीमा योजना, ई-नाम, किसान चैनल, खाद की प्रति बोरी पर 1,200 रुपये की सब्सिडी का जिक्र करते हुए नड्डा ने कहा कि जनता यह सब जानती है और वह विपक्ष की साजिश से भी वाकिफ है। उन्होंने कहा, ‘इसलिए उनके बहकावे में कोई आने वाला नहीं है।’