उत्तराखंड में निकलेगी सैन्य सम्मान यात्रा, शहीदों के घर की मिट्टी से बनेगा सैन्य धाम

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नई दिल्ली
उत्तराखंड की बीजेपी सरकार अगले महीने से राज्य में सैन्य सम्मान यात्रा निकालने की तैयारी में हैं। इसमें हर शहीद के घर जाकर उनके आंगन की मिट्टी एकत्र की जाएगी। शहीद के घर के आंगन की मिट्टी का इस्तेमाल सैन्य स्मारक (सैन्यधाम) बनाने में किया जाएगा। उत्तराखंड में अगले साल की शुरूआत में विधानसभा चुनाव हैं और इस यात्रा के जरिए बीजेपी चुनाव से पहले हर जिले को कवर कर लेगी।

उत्तराखंड से आते हैं 70 हजार जवानउत्तराखंड सैन्य बहुल राज्य है। राज्य में डेढ़ लाख से ज्यादा पूर्व सैनिक और सैनिक विधवा हैं। उत्तराखंड के तीन हजार से ज्यादा सैनिक हर साल रिटायर होते हैं। आर्म्ड फोर्सेस (आर्मी, नेवी और एयरफोर्स) में उत्तराखंड से अभी करीब 70 हजार सैनिक हैं। राजनीति के लिहाज से यह संख्या काफी अहम है। पूर्व सैनिकों को बीजेपी का वोट बैंक माना जाता रहा है और चुनाव में राष्ट्रवाद का मसला भी गरमाता है। इस बार उत्तराखंड में दिल्ली की सत्ताधारी आम आदमी पार्टी ने भी सभी विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने का ऐलान किया है। आम आदमी पार्टी ने भारतीय सेना से रिटायर्ड कर्नल को अपना उम्मीदवार बनाया है। पार्टी को उम्मीद है कि उनके जरिए पार्टी सैन्य बहुल उत्तराखंड में अपनी पकड़ बना सकती है।

सैकड़ों गांवों तक पहुंचेगी यात्राबीजेपी अब सरकार की सैन्य सम्मान यात्रा के जरिए सैकडों गांवों तक पहुंचेगी। करीब 1700 शहीदों के आंगन की मिट्टी एकत्र की जाएगी। यात्रा के जरिए सिर्फ शहीदों के गांव ही कवर नहीं होंगे बल्कि आसपास के इलाके भी कवर हो जाएंगे। राज्य के सभी जिलों में यह होगा और ब्लॉक स्तर पर कार्यक्रम कर शहीदों के परिजनों को सम्मानित किया जाएगा। शहीदों के घर से मिट्टी एकत्र करने की शुरुआत चमोली के सवाड और पिथौरागढ़ के मूनाकोट से होगी।

बाबा हरभजन और शहीद बाबा जसवंत का मंदिरउत्तराखंड के सैन्य कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देवभूमि उत्तराखंड को वीरों की धरती कहते हुए यहां पंचम धाम के रूप में एक सैन्यधाम की परिकल्पना की थी। इसी सोच से प्रेरणा लेकर हमने सैन्यधाम को प्रदेश के पंचम धाम के रूप में विकसित करने का संकल्प लिया है । यह धाम देश के लिए बलिदान देने वाले जांबाजों को सम्मानित करने के उद्देश्य से विकसित किया जा रहा है। इसके लिए सैन्यधाम में शहीद बाबा हरभजन सिंह और शहीद बाबा जसवंत सिंह के मंदिरों की स्थापना भी की जाएगी। सैन्यधाम की भव्यता बढ़ाने के लिए एक ऑडिटोरियम का निर्माण तथा हमारे जवानों की शौर्य गाथाएं लोगों तक पहुंचाने के लिए साउंड एंड लाइट शो की भी व्यवस्था की जाएगी है।