पीएम मोदी की फ्रांस के राष्‍ट्रपति मैक्रों से फोन पर बातचीत, अफगानिस्‍तान पर हुई चर्चा

0
16

नई दिल्‍ली
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को फ्रांस के राष्‍ट्रपति इमैनुअल मैक्रों के साथ फोन पर बातचीत की। इस दौरान मुख्‍य रूप से अफगानिस्‍तान के हालात पर चर्चा हुई। दोनों देशों ने एशिया-प्रशांत क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर भी जोर दिया।

प्रधानमंत्री ने ट्वीट कर इस बारे में जानकारी दी। उन्‍होंने कहा, ‘मेरे मित्र और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से अफगानिस्तान की स्थिति पर बातचीत हुई। हमने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भारत और फ्रांस के बीच घनिष्ठ सहयोग पर भी चर्चा की। हम यूएनएससी सहित फ्रांस के साथ अपनी सामरिक साझेदारी को बहुत महत्व देते हैं।’

मैक्रों के साथ प्रधानमंत्री की बातचीत खासी अहम है। यह ऐसे समय हुई है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को अमेरिका के लिए रवाना हो रहे हैं। यहां भी अफगानिस्‍तान में बनी तालिबानी सरकार को लेकर चर्चा होनी तय है।

प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) से जारी एक बयान में कहा गया दोनों नेताओं ने अफगानिस्तान में मानवाधिकार के साथ ही महिलाओं और अल्पसंख्यकों के अधिकार सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर बल दिया।

पीएमओ ने कहा, ‘दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय मुद्दों के साथ ही अफगानिस्तान के हाल के घटनाक्रमों पर भी चर्चा की। इस संदर्भ में दोनों ने आतंकवाद, मादक पदार्थ, अवैध हथियार और मानव तस्करी के संभावित खतरों पर अपनी चिंताएं साझा की। साथ ही दोनों नेताओं ने वहां मानवाधिकार और महिलाओं व अल्पसंख्यकों के अधिकार सुनिश्चित करने की आवश्यकता जताई।’

इस चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में बढ़ते द्विपक्षीय सहयोग और क्षेत्र में स्थिरता और सुरक्षा प्रोत्साहित करने में भारत-फ्रांस साझेदारी की ‘अहम भूमिका’ की समीक्षा की। पीएमओ के मुताबिक दोनों नेताओं ने भारत-फ्रांस सामरिक साझेदारी की भावना के अनुकूल निकट और नियमित परामर्श बनाए रखने पर सहमति जताई।

अफगानिस्‍तान में तालिबान की सरकार बनने के बाद से ही भारत और अमेरिका सहित तमाम मुल्‍कों की चिंता बढ़ गई है। उन्‍हें डर है कहीं अफगानिस्‍तान की जमीन का इस्‍तेमाल आतंकियों को पनाह देने के लिए न होने लगे। खासतौर से तब जब तालिबान सरकार के गठन में पाकिस्‍तान का पूरा हाथ है। पाकिस्‍तान दुनिया के सामाने बेनकाब हो चुका है। अफगानिस्‍तान में उसका डबल गेम जगजाहिर है। वह दुनियाभर में आतंकी सप्‍लाई की फैक्‍ट्री बनता जा रहा है।