महंत नरेंद्र गिरि का सूइसाइड नोट…आनंद ग‍िर‍ि पर आरोप- ‘लड़की के साथ फोटो लगाकर करना चाहता है बदनाम’

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प्रयागराज
‘मैं महंत नरेंद्र ग‍िर‍ि (Narendra Giri news) वैसे तो मैं 13 स‍ितंबर 2021 को आत्‍महत्‍या करने जा रहा था लेक‍िन ह‍िम्‍मत नहीं कर पाया। आज जब हर‍िद्वार से सूचना म‍िली क‍ि एक-दो द‍िन में आनंद ग‍िर‍ि () कंप्‍यूटर के माध्‍यम से मोबाइल से मेरी फोटो लगाकर क‍िसी लड़की या मह‍िला से गलत काम करते हुए फोटो वायरल कर देगा। तो मैंने सोचा कहां तक सफाई दूंगा। एक बार तो बदनाम हो जाऊंगा। मैं ज‍िस पद पर हूं उसकी गर‍िमा है, इसल‍िए आत्‍महत्‍या करने जा रहा हूं।’…. ये बातें अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद (Akhil Bhartiya Akhada Parishad) के प्रमुख ने आत्‍महत्‍या करने से पहले अपने सूइसाइड नोट में ल‍िखी हैं। इस सूइसाइड नोट के सामने के बाद प्रयागराज पुल‍िस ऐक्‍शन में आ गई है और तकरीबन सभी आरोप‍ियों को अरेस्‍ट कर ल‍िया है।

दरअसल अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि की ओर से लिखा गया कथित सूइसाइड लेटर सामने आ गया है। इसमें यह कहा गया है कि किस तरह से आनंद गिरि, आद्या तिवारी और संदीप तिवारी उन्हें फंसाने की कोशिश में लगे हुए थे। इस लेटर में इस बात का भी जिक्र किया गया है कि महंत नरेंद्र गिरि ने पहले भी सूइसाइड की प्लानिंग की थी लेकिन उस वक्त वह आत्महत्या नहीं कर पाए थे। इस पत्र में इस बात का भी जिक्र है कि किस तरह से एक लड़की के साथ महंत नरेंद्र गिरि को दिखाते हुए कोई वीडियो दिखाकर उन्हें धमकाया जा रहा था।

पुल‍िस ने महंत के कमरे से बरामद क‍िया 7 पेज का सूइसाइड नोट
सोमवार को प्रयागराज स्थित मठ बाघमबारी गद्दी के महंत और अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि का शव उनके बेडरूम में पंखे से लटकता मिला। पुलिस ने इसे आत्महत्या बताया है। कमरे से 7 पेज का सूइसाइड नोट भी बरामद हुआ है जिसमें शिष्यों पर आरोप लगाए गए हैं। नोट में मठ की संपत्ति पर विवाद का भी ज‍िक्र क‍िया गया है। कहा गया है कि शिष्यों ने मुझ पर दबाव बनाया और मेरी छवि धूमिल करने का प्रयास किया जिससे मैं दुखी हूं। मामले में प्रयागराज पुल‍िस ने आनंद गिरि के खिलाफ महंत नरेंद्र गिरि को आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में आईपीसी की धारा 306 (आत्महत्या के लिए उकसाना) के तहत एफआईआर दर्ज की गई है।

प्रमुख शिष्य आनंद गिरि का क‍िया है बार-बार ज‍िक्र
सूइसाइड नोट में प्रमुख शिष्य आनंद गिरि का भी नाम है। उन्हें कुछ दिन पहले ही नरेंद्र गिरि ने मठ से बाहर कर दिया था। बाद में अखाड़ा परिषद की मध्यस्थता से उन्हें वापस लिया गया। पुलिस के मुताबिक गिरि सोमवार दोपहर में भोजन के बाद कुछ देर आराम करते थे। सोमवार को जब काफी देर बाद दरवाजा नहीं खुला तो शिष्यों ने फोन किया। फोन न उठने पर दरवाजा तोड़ा तो घटना की जानकारी हुई। नरेंद्र गिरि की मौत को कुछ लोग हत्या भी बता रहे हैं। पुलिस ने मामला हाईप्रोफाइल होने के कारण हर एंगल से जांच करने की बात कही है।

सहारनपुर पुलिस ने हरिद्वार से आरोपी आनंद गिरि को कस्टडी में लिया
महंत नरेंद्र गिरि की प्रयागराज में सोमवार को संदिग्ध मौत मामले में उनके शिष्य आनंद गिरि को सहारनपुर पुलिस ने हरिद्वार से हिरासत में ले लिया था। यही टीम आनंद गिरि को लेकर प्रयागराज गई थी। इस टीम में एसओजी के जवान और सीओ देवबंद रजनीश उपाध्याय शामिल रहे थे। इससे पहले सोमवार शाम से ही उत्तराखंड पुलिस उनके हरिद्वार के कांगड़ी गाजी वाली के आश्रम पहुंच गई थी। आनंद गिरि को हाउस अरेस्ट कर रखा था। यूपी के एडीजी कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार के निर्देश पर रात करीब साढ़े 10 बजे यूपी पुलिस की सहारनपुर एसओजी की टीम एसओजी प्रभारी जयवीर, सीओ देवबंद रजनीश कुमार उपाध्याय पहुंचे और बंद कमरे में लंबी पूछताछ के बाद आनंद गिरि को हरिद्वार से सहारनपुर पुलिस ने हिरासत में लिया और प्रयागराज रवाना हो गई।

महंत नरेंद्र गिरि को बुधवार को दी जाएगी समाधि
खबर है कि महंत नरेंद्र गिरि को कल बुधवार के दिन समाधि जाएगी। बुधवार को ही पांच सदस्यीय टीम करेगी शव का पोस्टमार्टम करेगी। जानकारी के मुताबिक पहले आज ही अंतिम संस्कार के कयास लगाए जा रहे थे, मगर पंचक होने के कारण अब अंतिम संस्कार आज नहीं होगा। फिलहाल एडीजी जोन और कमिश्नर के नेतृत्व वाली टीम ही पूरी घटना की जांच करेगी। ताजा रिपोर्ट है कि पोस्टमार्टम डॉक्टरों का एक पैनल करेगा और पूरी प्रक्रिया की विडियो रिकार्डिंग की जाएगी।