नौकरी ही नहीं है तो क्या संडे, क्या मंडे! राहुल गांधी ने बीजेपी सरकार ने विकास पर कसा तंज

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नई दिल्ली
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने रोजगार के मुद्दे पर सरकार पर हमला बोलते हुए रविवार को कहा कि केंद्र में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के शासन तले वीकली ऑफ और वर्किंग डे के बीच का अंतर समाप्त हो गया है क्योंकि ‘नौकरियां ही नहीं हैं’। गांधी ने ट्विटर पर अमेरिका की प्रमुख वाहन विनिर्माता कंपनी द्वारा भारत में कारों का उत्पादन बंद करने की घोषणा संबंधी एक मीडिया रिपोर्ट को टैग किया।

4000 छोटी कंपनियों के बंद होने का किया जिक्र
रिपोर्ट में उद्योग के अंदरूनी सूत्र के हवाले से कहा गया है कि 4,000 से अधिक छोटी फर्में बंद हो सकती हैं। गांधी ने हिंदी में किए एक ट्वीट में कहा, ‘‘भाजपा सरकार का ‘विकास’ ऐसा कि रविवार-सोमवार का फर्क ही खत्म कर दिया। ’’ कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने कहा, ‘‘जब नौकरियां ही नहीं हैं तो क्या रविवार, क्या सोमवार।’

किसानों के कर्ज को लेकर जताई थी चिंता
इससे पहले शनिवार को राहुल गांधी ने देश में किसानों की स्थिति को लेकर मोदी सरकार को निशाने पर लिया था। राहुल ने एक खबर का हवाला देते हुए कहा था कि कि देश में किसानों की आय नहीं, बल्कि कर्ज बढ़ा है। उन्होंने ट्वीट किया था कि किसान की आय नहीं क़र्ज़ बढ़ा! देश का पेट भरने वाला जब अपने परिवार का पेट ना भर सके तो क्या करे?’ राहुल गांधी ने जिस खबर का हवाला दिया उसमें कहा गया है कि 2013 से 2018 के दौरान किसान परिवारों पर औसतन कर्ज 57 प्रतिशत बढ़ गया।

बेरोजगारी दूर करने लिए सुझाए थे तीन उपाय
इससे पहले राहुल गांधी ने 3 सितंबर को बेरोजगारी को लेकर केंद्र की एनडीए सरकार को निशाने पर लिया था। राहुल गांधी ने कहा था कि केंद्र सरकार बेरोजगारी का समाधान नहीं करना चाहती है। उन्होंने ट्वीट में लिखा था कि सबसे बड़ा राष्ट्रीय मुद्दा बेरोज़गारी है जिसके कुछ सीधे समाधान हैं- PSU-PSB मत बेचो। MSME को आर्थिक मदद दो और मित्रों की नहीं, देश की सोचो।