सुनसान जगह शाम 7 बजे क्‍या कर रही थी मेडिकल स्‍टूडेंट…. कर्नाटक के होम मिनिस्‍टर ने रेप पीड़िता पर ही उठाए सवाल

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मैसूर कर्नाटक के मैसूर में मेडिकल छात्रा के साथ गैंगरेप मामले ने तूल पकड़ लिया है। एक तरह जहां मुख्‍यमंत्री बसवराज बोम्‍मई ने इसकी जांच के आदेश दिए हैं, वहीं राष्‍ट्रीय महिला आयोग ने जल्‍द से जल्‍द आरोपियों को अरेस्‍ट करने के लिए कहा है। इस बीच, राज्‍य के गृह मंत्री अरागा ज्ञानेंद्र ने दुष्कर्म पीड़िता पर ही सवाल उठा दिए हैं। उन्‍होंने कहा कि शाम 7 बजे मेडिकल छात्रा सुनसान जगह पर क्‍या कर रही थी ?

गृह मंत्री ने इस मामले को लेकर कांग्रेस पर भी हमला बोला। उन्‍होंने कहा कि एक लड़की से दुष्‍कर्म मामले में कांग्रेस राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश कर रही है। अरागा ज्ञानेंद्र ने यहां तक कह दिया कि कांग्रेस उनका रेप करने का प्रयास कर रही है। उन्‍होंने कहा कि यह घटना मैसूर में हुई, लेकिन कांग्रेस इसका फायदा उठाने की कोशिश कर रही है। यह एक अमानवीय घटना थी। मेडिकल छात्रा और उसका दोस्‍त वहां सुनसान जगह पर गए होंगे। उन्‍हें वहां नहीं जाना चाहिए था।

पीड़िता अभी सदमे में, नहीं हो पाया बयान
गृह मंत्री ने कहा कि मेडिकल स्‍टूडेंट से दुष्‍कर्म की घटना मंगलवार रात करीब साढ़े सात से आठ बजे की बीच की है। छात्रा को अस्‍पताल में भर्ती कराया गया है। बुधवार दोपहर 12 बजे एफआईआर दर्ज की गई। पीड़िता अभी सदमे में हैं, इसलिए उसका बयान नहीं दर्ज हो सकता है। अपराधियों को पकड़ने का पूरा प्रयास किया जा रहा है।

अपने पद से इस्‍तीफा दें गृह मंत्री: कांग्रेस
दूसरी ओर, कांग्रेस नेता बृजेश कलप्‍पा ने गृह मंत्री पर प्रहार किया है। उनका कहना है कि वह इस घटना को छोटा करने का प्रयास कर रहे हैं। यह निंदनीय है। उन्‍हें अपने पद से इस्‍तीफा दे देना चाहिए। वहीं, बीजेपी नेता एस प्रकाश ने कर्नाटक के गृह मंत्री का समर्थन किया है। उन्‍होंने कहा कि दुष्‍कर्म की हर घटना बेहद संवेदनशील होती है। इस पर किसी को भी बहुत जिम्‍मेदारी के साथ बयान देना चाहिए। ऐसे मामलों पर राजनीति नहीं करनी चाहिए। कांग्रेस इस मुद्दे का राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास कर रही है।

चामुडी हिल पर बाइक से घूमने गई थी छात्रा
गौरतलब है कि मैसूर में चामुंडी हिल के पास छह लोगों ने बाइक सवार छात्रा और उसके पुरुष मित्र को रोक कर पैसे मांगे। न देने पर छात्रा से सामूहिक दुष्‍कर्म किया और दोस्‍त के साथ मारपीट की। इस मामले में राष्ट्रीय महिला आयोग ने संज्ञान लेते हुए एक तरफ कर्नाटक के डीजीपी को पत्र लिखा है तो वहीं यह सुनिश्चित करने के लिए भी कहा है कि सभी आरोपियों की पहचान कर और उनकी जल्द गिरफ्तारी की जाए। आयोग ने पत्र में यह भी लिखा है कि अब तक मामले में सिर्फ एफआईआर दर्ज की गई है, लेकिन गिरफ्तारी नहीं हुई है।