इन वजहों से देवबंद में ATS कमांड सेंटर को किया जा रहा ऐक्टिव… 15 तेज तर्रार अफसर रखेंगे निगरानी

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आशीष सुमित मिश्रा, लखनऊ
देवबंद में यूपी सरकार एटीएस कमांडो सेंटर बना रही है। तालिबान की बर्बरता के बीच योगी सरकार ने तत्काल प्रभाव से देवबंद में एटीएस कमांडो सेंटर खोलने का निर्णय लिया है। प्रदेश से चुने हुए 15 तेज तर्रार एटीएस अफसरों की यहां तैनाती होगी। देवबंद को लेकर केंद्र और राज्य की खुफिया और सुरक्षा एजेंसियां सतर्क रहती हैं। देवबंद में ‘दारुल उलूम’ है। जिसमें अफगानिस्तान समेत दुनियाभर से आए युवक रहते हैं।

ये है मकसद
अफसरों के मुताबिक, जिस तरह प्रदेश में लगातार आतंकी घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। पिछले कुछ महीनों में धर्मांतरण के भी कई मामले सामने आए हैं। साथ ही अलकायदा मॉड्यूल के आतंकी भी लखनऊ में पकड़े गए थे। इसकी जांच एटीएस कर रही है। फर्जी आईडी से सिम लेकर चाइना में ऑपरेट करने के मामले में भी एटीएस जांच कर रही है।

दरअसल, पश्चिमी उत्तर प्रदेश बहुत ही सेंसिटिव एरिया माना जाता है। जहां रोहिंग्या और आतंकी गतिविधियां भी सामने आती रहती हैं। जानकरी के मुताबिक, रोहिंग्या पश्चिमी उत्तर प्रदेश में शरण लिए हुए हैं। यही वजह है कि सहारनपुर का देवबंद एटीएस कमांडो सेंटर के लिए चुना गया है।

जमीन की गई आवंटित
यूपी पुलिस के एडीजी लॉ एण्ड ऑर्डर प्रशान्त कुमार ने कहा कि प्रदेश में एटीएस को और मजबूत करने के लिए मेरठ, इंडो नेपाल बॉर्डर बहराइच, श्रावस्ती, जेवर एयरपोर्ट और देवबंद में नई यूनिटें बनने जा रही हैं। यूपी सरकार ने देवबंद में 2000 हजार वर्ग मीटर जमीन भी एटीएस को ट्रांसफर कर दी गई है। देवबंद उत्तराखंड और हरियाणा की सीमा के करीब होने की वजह से भी एटीएस की यह यूनिट बेहद अहम है। एडीजी ने कहा कि पश्चिम यूपी में हम अपने डेप्थ और मौजूदगी के अलावा ऑपरेशनल क्षमता को बढ़ाने में कामयाब होंगे।

12 जगहों पर खुलेंगी नई यूनिट
यूपी में अलग-अलग जगहों पर यूपी एटीएस की 12 नई यूनिट खोली जाएंगी। इसमें मेरठ, अलीगढ़, श्रावस्ती, बहराइच, ग्रेटर नोएडा, आजमगढ़, कानपुर, और मिर्जापुर में एटीएस यूनिट के लिए जमीन दे दी गई है। वाराणसी और झांसी के लिए भी जल्द ही जमीन का आवंटन कर दिया जाएगा।