पश्चिम बंगाल में 52 साल बाद फिर बनेगी विधान परिषद? विधानसभा में पास हुआ प्रस्ताव

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कोलकाता
पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने मंगलवार को अपने चुनावी वादे पर मुहर लगा दी है। पश्चिम बंगाल विधानसभा ने विधान परिषद के निर्माण को लेकर प्रस्ताव पारित कर दिया है। बंगाल विधानसभा ने विधान परिषद के निर्माण को लेकर सदन में पेश प्रस्ताव के पक्ष में 196 सदस्यों ने वोट किया तो विरोध में 69 वोट पड़े। वोटिंग के दौरान सदन में 265 सदस्य मौजूद थे।

ममता बनर्जी सरकार की ओर से विधानसभा में पेश विधान परिषद बनाने का प्रस्ताव पास हो गया है, लेकिन अब इसे संसद के दोनों सदनों यानी लोकसभा और राज्यसभा से बहुमत से पास कराना होगा। इसके बाद राष्ट्रपति की मंजूरी भी जरूरी है।

क्या है ममता बनर्जी का प्लान?
ममता बनर्जी ने चुनाव से ठीक पहले घोषणा की थी कि जिन प्रतिष्ठित लोगों और वरिष्ठ नेताओं को विधानसभा चुनाव के लिए टिकट नहीं दिया गया है, उन्हें विधान परिषद का सदस्य बनाया जाएगा।

देश के इन 6
राज्यों में है विधान परिषद
इस समय देश के केवल छह राज्यों में विधान परिषद है, जिनमें बिहार, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और कर्नाटक शामिल है। बंगाल में 294 विधानसभा सीटें हैं। चूंकि एक विधान परिषद में सदस्यों की संख्या विधानसभा के सदस्यों से एक तिहाई से अधिक नहीं हो सकती है, इसलिए बंगाल में विधान परिषद में 98 सदस्य हो सकते हैं।

17 साल तक बंगाल में रही विधान परिषद
1952 में विधान परिषद का गठन किया था, जो कि 1969 तक जारी रहा, लेकिन दूसरी संयुक्त मोर्चा सरकार ने एक विधेयक पारित करके उच्च सदन को समाप्त कर दिया था।