Explainer: अकाउंट भारत में, कानून चलेगा अमेरिका का…ट्विटर ने प्रसाद को क्यों किया ब्लॉक

0
33

नई दिल्‍ली माइक्रोब्‍लॉगिंग साइट ट्विटर ने शुक्रवार को मनमानी की सभी हदें पार कर दीं। उसने सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद के अकाउंट को ब्‍लॉक कर दिया। प्रसाद का ट्विटर अकाउंट करीब एक घंटे ‘लॉक’ रहा। ट्विटर ने अपने इस कदम के पीछे अमेरिका के ‘डिजिटल मिलेनियम कॉपीराइट एक्ट’ के उल्लंघन का हवाला दिया। क्‍या कहता है यह कानून? आइए, यहां इसके बारे में जानते हैं।

ट्विटर ने क्‍या कहा?
प्रसाद का अकाउंट ‘लॉक’ करते हुए ट्विटर ने इसका कारण बताया। उसने प्रसाद से कहा, ‘ट्विटर ने डिजिटल मिलेनियम कॉपीराइट एक्‍ट (डीएमसीए) नोटिस संबंधी शिकायत के बाद आपका अकाउंट लॉक किया है। आपके ट्विटर अकाउंट पर पोस्‍ट किए गए कंटेंट को लेकर यह शिकायत की गई है। डीएमसीए के तहत कॉपीराइट ओनर्स (स्‍वामी) ट्विटर को नोटिफाई कर सकते हैं कि यूजर ने उनके कॉपीराइट कार्य का उल्‍लंघन किया है। मान्‍य डीएमसीए नोटिस मिलने के बाद ट्विटर पहचानी गई सामग्री को हटाएगा। लगातार कॉपीराइट पॉलिसी का उल्‍लंघन करने पर अकाउंट सस्‍पेंड कर दिया जाएगा।’

क्‍या है डिजिटल मिलेनियम कॉपीराइट एक्‍ट?
डिजिटल मिलेनियम कॉपीराइट एक्ट (DMCA) अमेरिका का कॉपीराइट कानून है। यह 1998 में बना था। यह विश्व बौद्धिक संपदा संगठन (WIPO) की 1996 की दो संधियों को लागू करता है। यह कॉपीराइट वर्क की सुरक्षा करता है। साथ ही इसके प्रोडक्‍शन और वितरण को गैर-कानूनी बनाता है। यह अपराध की श्रेणी में आता है। इसके अलावा डीएमसीए इंटरनेट पर कॉपीराइट उल्लंघन के लिए पेनाल्‍टी को बढ़ाता है। अमेरिकी संसद में सर्वसम्मति से 12 अक्टूबर 1998 को यह कानून पारित किया गया। 28 अक्टूबर 1998 को तत्‍कालीन राष्ट्रपति बिल क्लिंटन ने कानून पर हस्ताक्षर किए।

ट्विटर के साथ क्‍या है विवाद?
डिजिटल कंपनी का नए सोशल मीडिया नियमों को लेकर भारत सरकार के साथ विवाद चल रहा है। सरकार ने जानबूझकर अवज्ञा करने और देश के नए आईटी नियमों का पालन करने में विफल रहने को लेकर ट्विटर को फटकार लगाई है। इसके कारण माइक्रोब्लॉगिंग साइट ने भारत में अपनी मध्यस्थ स्थिति खो दी है। ऐसे में किसी भी गैरकानूनी सामग्री को पोस्ट करने वाले यूजर के लिए वह जवाबदेह होगी। सरकार ट्विटर से बार-बार नए आईटी नियमों का पालन करने के लिए कहती रही है।

प्रसाद ने क्‍या कहा?
अकाउंट ‘अनलॉक’ होने के बाद रविशंकर प्रसाद ने अमेरिकी सोशल नेटवर्किंग कंपनी के इस कदम की आलोचना की। उन्‍होंने इसे मनमाना और आईटी नियमों का घोर उल्लंघन बताया। ट्विटर को आड़े हाथ लेते हुए प्रसाद ने कहा, ‘ट्विटर मुझे मेरे खाते पर पहुंच से रोकने से पहले नोटिस देने में विफल रही।’ बाद में चेतावनी के बाद खाते पर लगी रोक हटा ली गई। प्रसाद के अनुसार, यह साफ है कि ट्विटर की मनमानी, असहनशीलता को लेकर मैंने जो टिप्पणियां कीं और खासकर टीवी चैनलों को दिए साक्षात्कार के हिस्से जो साझा किए गए उसके जबर्दस्त प्रभाव से स्पष्ट तौर पर यह झल्लाहट सामने आई है।

मंत्री ने कहा, ‘दोस्तों! आज कुछ बहुत ही अनूठा हुआ। ट्विटर ने अमेरिका के डिजिटल मिलेनियम कॉपीराइट अधिनियम के कथित उल्लंघन के आधार पर लगभग एक घंटे तक मेरे खाते तक पहुंच को रोका और बाद में उन्होंने मुझे खाते के उपयोग की अनुमति दी।’

नियमों का पालन करने से बचती रही है ट्विटर
सरकार के नए आईटी नियम 25 मई से लागू हो गए हैं। यह अलग बात है कि ट्विटर इनका पालन करने में लगातार हीलाहवाली करती रही है। इसी को देखते हुए सरकार ने आईटी एक्‍ट के तहत मिले सुरक्षा के अधिकार को ट्विटर से वापस ले लिया है। इसका मतलब हुआ कि अगर कोई यूजर उसके प्‍लेटफॉर्म पर राष्‍ट्रीय सुरक्षा और सद्भावना को बिगाड़ने वाला कोई कंटेंट डालता है तो उसके लिए यूजर के साथ ही ट्विटर भी उतनी ही जिम्‍मेदार होगी।