झुग्गी बस्ती धारावी में कोरोना का खेल खत्म, कभी था हॉटस्पॉट आज एक भी नया केस नहीं

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मुंबई
एशिया के सबसे बड़े स्लम धारावी में सोमवार को कोरोना का कोई नया केस नहीं मिला। कई दिनों से लगातार सिंगल डिजिट में कोरोना के मरीज सामने आ रहे थे। कोरोना से धारावी () की जंग कई मायनों में अहम है, एक समय में यहां सोशल डिस्टेंसिंग (Social Distancing) भी नामुमकिन लग रहा था लेकिन अब यहां एक भी कोरोना केस नही है।

महागनर के धारावी झुग्गी बस्ती में दो फरवरी के बाद से पहली बार पिछले 24 घंटे में कोविड-19 का एक भी मामला सामने नहीं आया है जो दुनिया की सबसे अधिक घनी शहरी बस्तियों में से एक है।

बीते साल 1 अप्रैल को सामने आया था पहला कोरोना केस
अधिकारी के अनुसार धारावी क्षेत्र में अबतक कोविड-19 के 6,489 मरीज संक्रमण मुक्त हो चुके हैं। इस क्षेत्र में इस महामारी का पहला मामला पिछले साल एक अप्रैल को आया था। उसके बाद यह इलाका लंबे समय तक कोरोना का हॉटस्पॉट बना रहा। वहीं इस साल दूसरी लहर के दौरान आठ अप्रैल को सर्वाधिक 99 मामले सामने आये थे।

अब
केवल 13 एक्टिव केस
एक नगर निकाय अधिकारी ने सोमवार को बताया कि धारावी में संक्रमितों का आंकड़ा 6861 है, फिलहाल इस झुग्गी बस्ती के 13 कोविड-19 मरीज उपचार चल रहा है जिनमें 7 अस्पताल में और 6 होम क्वारंटीन में हैं।

WHO ने दिया था धारावी मॉडल का उदाहरण
यहां ट्रेसिंग, टेस्टिंग, ट्रैकिंग व ट्रीटमेंट पर जोर दिया गया। आखिरकार धारावी में कोरोना को मात देने में बीएमसी को सफलता मिली। कोरोना से लड़ने का धारावी मॉडल दुनिया में प्रसिद्ध हुआ। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने दुनिया से कोरोना पर काबू पाने के लिए धारावी मॉडल का उदाहरण दिया था। ढाई वर्ग किलोमीटर से अधिक क्षेत्र में फैले धारावी में झुग्गियां और सूक्ष्म औद्योगिक इकाइयां हैं। इस क्षेत्र में करीब साढ़े छह लाख लोग रहते हैं।

राज्य में कम हो रही कोरोना की रफ्तार
महाराष्ट्र में पिछले 24 घंटों के दौरान कोरोना संक्रमण के 10,442 नए मामले सामने आए और इतने ही वक्त में 483 लोगों की इलाज के दौरान मौत हो गई। इस दौरान कोरोना का इलाज करा रहे 7,504 लोगों को ठीक होने के बाद अस्पतालों से डिस्चार्ज कर दिया गया।