बिहार की साइकिल गर्ल ज्योति से प्रियंका गांधी की आज मुलाकात, आर्थिक मदद का ऐलान कर सकती है कांग्रेस

0
37

दरभंगा:
देश भर में साइकिल गर्ल के नाम से मशहूर दरभंगा की ज्योति से गुरुवार को कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी बात करेंगी। बताया गया है कि ज्योति से प्रियंका की यह मुलाकात वर्चुअल होगी। प्रियंका गांधी से ज्योति पासवान की बात कराने के लिए कांग्रेस नेता मशकूर अहमद उस्मानी ज्योति और उनके परिवार से मिलने उनके गांव सिरहुल्ली, कमतौल जाएंगे।

प्रियंका गांधी साइकिल गर्ल से करेंगी वर्चुअल मुलाकात
पिता की मौत के बाद प्रियंका गांधी की इस बात को काफी अहम माना जा रहा है। साथ ही संभावना जताई जा रही है कि ज्योति के भविष्य के लिए प्रियंका या उनकी पार्टी कोई बड़ा ऐलान भी कर सकती है। दरभंगा जिले के सिंहवाड़ा प्रखंड के सिरहुल्ली गांव की 13 साल की ज्योति पिछले साल लॉकडाउन के दौरान अपने पिता मोहन पासवान को साइकिल पर बैठाकर गुरुग्राम से 8 दिन का सफर तय कर के दरभंगा पहुंचकर सुर्खियों में आई थीं।

पिछले साल हुए लॉकडाउन में पिता मोहन पासवान को साइकिल पर बिठाकर 1300 किलोमीटर की यात्रा करने और गुड़गांव से दरभंगा लाने वाली ज्योति के पिता मोहन पासवान का तीन दिन पहले ही दिल का दौरा पड़ने से निधन हुआ था।

ज्योति के दादा की भी हाल में हुई मौत
ज्योति पासवान के पिता मोहन पासवान के चाचा की मौत 10 दिन पहले हो गई थी। उन्‍हीं के श्राद्ध कर्म के भोज के लिए समाज के लोगों के साथ मोहन पासवान बैठक कर रहे थे।मीटिंग खत्म होने के बाद 3 जून को मोहन पासवान खड़े होते ही गिर पड़े और उनकी मौत हो गई। ग्रामीणों के मुताबिक मोहन को दिल का दौरा पड़ा और यही उनकी मौत की वजह बना।

गुरुग्राम से बीमार पिता को साइकिल पर लाई थी ज्योतिसाल 2020 में लगे कोरोना लॉकडाउन के दौरान अपने बीमार पिता को गुरुग्राम से ज्योति 1300 किलोमीटर साइकिल पर बैठाकर घर लाई थी। उनके इस अदम्‍य साहस ने उन्‍हें देश-विदेश में मशहूर कर दिया था। इस साहसिक कदम के लिए अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बेटी ने भी ज्योति की तारीफ की थी। इवांका ट्रंप ने कहा था कि इस तरह का साहसिक कार्य भारत की बेटी ही कर सकती है।

ज्योति के पिता मोहन पासवान गुरुग्राम में ऑटो चलाकर अपने परिवार पालन-पोषण कर रहे थे, लेकिन जनवरी 2020 में एक्सीडेंट होने की वजह से उनके पैर में काफी चोट आई थी। एक्सीडेंट की खबर सुनने के बाद ज्योति अपने पिता के पास देखभाल के लिए चली गई। उसी बीच पूरे देश में लॉकडाउन लग गया और उनके सामने खाने-पीने की समस्या खड़ी हो गई। जिसके बाद बाद ज्योति ने 400 रुपये में साइकिल खरीद कर अपने पिता को लेकर गुरुग्राम से दरभंगा लौटी थी।