उद्धव सरकार का मराठा छात्रों को तोहफा, EWS कैटेगरी में मिलेगा 10% रिजर्वेशन

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मुंबई
मराठा समुदाय के लिए सोमवार को उद्धव सरकार (uddhav government) ने बड़ा ऐलान किया। सरकार ने आर्थिक रूप से कमजोर (EWS) कैटेगरी छात्रों और अभ्यर्थियों को 10% का आरक्षण देने का फैसला लिया है। इसके अलावा, ये मराठा उम्मीदवार सीधी सेवा भर्ती में 10% EWC आरक्षण () का लाभ उठा सकते हैं। इस संबंध में राज्य सरकार की ओर से आदेश जारी कर दिया गया है।

सुप्रीम कोर्ट द्वारा मराठा आरक्षण रद्द करने के बाद राज्य सरकार मराठा समुदाय को राहत देने की कोशिश कर रही है। सरकार ने फैसला किया था कि जब राज्य में मराठा आरक्षण लागू था तब मराठा समुदाय 10 प्रतिशत ईडब्ल्यूएस आरक्षण का लाभ नहीं उठा सकता था। लेकिन अब जब मराठा आरक्षण रद्द कर दिया गया है, सरकार ने मराठा समुदाय को ईडब्ल्यूएस आरक्षण का लाभ देने का फैसला किया है।

सुप्रीम कोर्ट ने खारिज किया था आरक्षण
सुप्रीम कोर्ट ने 5 मई, 2021 को मराठा आरक्षण के राज्य सरकार के फैसले को खारिज कर दिया था। शीर्ष अदालत का कहना था कि मराठा रिजर्वेशन के चलते आरक्षण की 50 फीसदी तय सीमा का उल्लंघन होगा। 5 जजों की बेंच ने कहा था कि मराठा समुदाय को आरक्षण के दायरे में लाने के लिए शैक्षणिक और सामाजिक तौर पर पिछड़ा नहीं घोषित किया जा सकता।

ईडब्ल्यूएस आरक्षण क्या है?
ईडब्ल्यूएस का मतलब आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग है। केंद्र सरकार ने 2019 में ईडब्ल्यूएस वर्ग के लोगों को शिक्षा और नौकरियों में 10 प्रतिशत आरक्षण देने का फैसला किया था। 8 लाख रुपये से कम वार्षिक आय वाले व्यक्ति ईडब्ल्यूएस के तहत शिक्षा और नौकरी में आरक्षण प्राप्त कर सकते हैं। कानून कहता है कि ईडब्ल्यूएस आरक्षण के लिए पात्र व्यक्तियों का पारिवारिक खेती की जमीन पांच एकड़ से अधिक नहीं होना चाहिए।

शिवसेना बोली-दिल्ली तक आएगी मराठा आरक्षण की लड़ाई
महाराष्ट्र की सत्ताधारी पार्टी शिवसेना ने सोमवार को अपने मुखपत्र सामना में लिखा कि मराठा रिजर्वेशन की लड़ाई दिल्ली में लड़ी जाएगी। सामना के संपादकीय में कहा गया है कि यह जरूरी है कि मराठा आरक्षण के मुद्दे पर दिल्ली का दरवाजा खटखटाया जाए। सामना में पार्टी ने लिखा, ‘यह टकराव निर्णायक साबित होगा। विपक्ष की ओर से महाराष्ट्र में अस्थिरता पैदा करने के लिए इस मुद्दे का इस्तेमाल किया जाएगा। ऐसे में उन्हें समय पर रोकने की जरूरत है।’