लोगों की सेवा या पावर…किसलिए लोग बनते हैं IAS-IPS? पोल में आए चौंकाने वाले नतीजे

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नई दिल्लीछत्तीसगढ़ के सूरजपुर में डीएम रणबीर शर्मा () के ‘थप्पड़ कांड’ ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। इससे पहले पिछले महीने वेस्ट त्रिपुरा के डीएम शैलेश यादव () का भी वीडियो वायरल हुआ था। लॉकडाउन का पालन कराने निकले डीएम शैलेश यादव ने एक शादी समारोह में जमकर उत्पात मचाया और दूल्हा, दुलहन, पंडित, मेहमानों समेत वहां मौजूद हर शख्स से बदसलूकी की थी। एक महीने में ऐसी दो बड़ी घटनाओं से सिविल सेवा के मौजूदा स्वरूप को लेकर भी बड़ी बहस छिड़ गई है। सोशल मीडिया पर तो लोगों ने इसमें बड़े बदलावों को लेकर मांग तक कर डाली है।

सीनियर आईपीएस ने ट्विटर पर पूछा दिलचस्प सवाल
इस बीच ओडिशा के एडीजी और राज्य सड़क परिवहन निगम के एमडी अरुण बोथरा (Arun Bothra) ने ट्विटर पर एक दिलचस्प पोल किया। उन्होंने लोगों की राय मांगते हुए सवाल किया कि लाखों युवा सालों मेहनत करके सिविल सेवा में आने का सपना देखते हैं। इनमें से ज्यादातर आईएएस या आईपीएस ही बनना चाहते हैं। आखिर क्यों? उन्होंने दो विकल्प दिए थे, पहला था- सेवा करना और दूसरा- पावर…23 मई को किए उनके इस पोल को जबर्दस्त रेस्पॉन्स मिला।

78.5 फीसदी लोगों ने माना, पावर के लिए IAS-IPS बनते हैं युवा
24 घंटे के अंदर उनके इस पोल में 65,493 लोगों ने वोटिंग की। इनमें से 78.5 फीसदी ने माना कि सिविल सेवा की तैयारी करने वाले ज्यादातर युवा आईएएस/आईपीएस के साथ जुड़ी ‘पावर’ की ओर आकर्षित होते हैं, वहीं 21.5 फीसदी लोगों ने माना कि ऐसे युवा लोगों और देश की सेवा करने के उद्देश्य से आईएएस या आईपीएस में आते हैं।

सूरजपुर कलेक्टर के वायरल वीडियो पर हुआ विवादछत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के कलेक्टर रणबीर शर्मा का एक युवक को थप्पड़ मारने, उसका मोबाइल जमीन पर पटकने और पुलिस के घेरकर पिटवाने का वीडियो वायरल हुआ था। हालांकि वीडियो वायरल होने पर फजीहत होती देख उन्होंने कहा कि तैश में आकर मार दिया था। गलती हो गई, लेकिन कोई दलील काम नहीं आई। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कलेक्टर को तत्काल प्रभाव से हटाने का आदेश दिया है। मुख्यमंत्री ने खुद थप्पड़ खाने वाले लड़के से घटना के लिए खेद जताया है।