12वीं बोर्ड परीक्षा को लेकर 1 जून तक उठ जाएगा पर्दा, शिक्षा मंत्री ने राज्‍यों से मांगे सुझाव

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नई दिल्ली12वीं बोर्ड की परीक्षा को लेकर असमंजस खत्‍म होने वाला है। छात्रों को 25 मई के बाद और 1 जून से पहले इसके बारे में बताया जाएगा। बोर्ड की लंबित परीक्षा को लेकर रविवार को उच्च स्तरीय बैठक हुई। बैठक के बाद ने कहा कि कोई भी फैसला छात्रों की सुरक्षा और उनके भविष्य को देखते हुए लिया जाएगा। हमारे लिए वे महत्वपूर्ण हैं।

निशंक ने बताया कि इस संबंध में राज्य सरकारों से 25 मई तक विस्तृत सुझाव भेजने का अनुरोध किया गया है। उन्होंने 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा के संबंध में जल्द निर्णय तक पहुंचने का भरोसा जताया। कोविड-19 महामारी की दूसरी लहर के कारण 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा स्थगित कर दी गई थीं।

रक्षा मंत्री ने की बैठक की अध्‍यक्षता
की अध्यक्षता में दो घंटे से अधिक समय तक डिजिटल माध्यम से यह बैठक हुई। इसमें निशंक के अलावा केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी, प्रकाश जावड़ेकर, शिक्षा राज्य मंत्री संजय धोत्रे के अलावा राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के शिक्षा मंत्रियों व सचिवों ने भी हिस्सा लिया। यह 12वीं कक्षा की बोर्ड की लंबित परीक्षाओं और पेशेवर पाठ्यक्रमों की प्रवेश परीक्षाओं से संबंधित थी।

25 मई तक राज्‍य देंगे सुझाव
बैठक के बाद निशंक ने ट्वीट किया कि प्रधानमंत्री की संकल्पना के अनुरूप यह बैठक काफी सार्थक रही। हमें काफी मूल्यवान सुझाव प्राप्त हुए । उन्होंने कहा, ‘मैंने राज्य सरकारों से 25 मई तक विस्तृत सुझाव भेजने का आग्रह किया है।’

केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने कहा,‘मुझे विश्वास है कि हम 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा के संबंध में सामूहिक निर्णय तक पहुंचेंगे। जल्द से जल्द अपने अंतिम निर्णय की जानकारी देकर छात्रों और अभिभावकों के मन की अनिश्चितता को समाप्त कर सकेंगे।’

मंत्री ने कहा कि हम इस बात पर जोर देना चाहते हैं कि छात्रों और शिक्षकों की सुरक्षा और उनका भविष्य हमारे लिए सर्वाधिक महत्वपूर्ण है। उन्होंने इस उच्च स्तरीय बैठक में हिस्सा लेने के लिए राज्यों के शिक्षा मंत्रियों और अधिकारियों को धन्यवाद दिया ।

मनीष सिसोदिया परीक्षा के पक्ष में नहीं
वहीं, दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि दिल्ली सरकार सीबीएसई के 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा कराने के लिए विकल्पों की तलाश किए जाने के पक्ष में नहीं है। छात्रों का टीकाकरण कराए बिना कराना बड़ी भूल साबित होगी।

एक दिन पहले केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को पत्र लिखा था। इसमें कहा था कि उच्च शिक्षा विभाग भी उच्च शिक्षण संस्थानों के लिए परीक्षा की तिथियों को अंतिम रूप देने के लिए विचार-विमर्श कर रहा है। कोविड-19 महामारी के कारण शिक्षा क्षेत्र पर काफी असर पड़ा है। खासतौर से परीक्षा और प्रवेश परीक्षाओं पर इसका काफी असर पड़ा है ।

निशंक ने राज्यों को लिखे पत्र में कहा था कि 12वीं कक्षा की परीक्षाओं के आयोजन से पूरे देश में राज्य बोर्ड परीक्षाओं और अन्य प्रवेश परीक्षाओं पर प्रभाव पड़ता है। ऐसे में छात्रों के बीच उत्पन्न अनिश्चितता को कम करने के लिए यह आवश्यक है कि विभिन्न राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासनों के सुझावों के आधार पर देशभर के सभी छात्रों के हित में 12वीं कक्षा की सीबीएसई परीक्षा के बारे में विचार किया जाए।

10वीं की परीक्षा रद्द की गई थीं
14 अप्रैल को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं स्थगित और 10वीं बोर्ड की परीक्षा को रद्द कर दिया गया था। यह फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हुई बैठक में किया गया था। ये परीक्षाएं 4 मई से 14 जून के बीच होनी थीं।