दिल्‍ली HC ने कहा-कम से कम सेना के काम का तो सम्मान करना चाहिए

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नई दिल्‍ली पर सवाल उठाने वाले एक वकील को दिल्‍ली हाईकोर्ट ने जमकर लताड़ लगाई। अदालत ने कहा कि सेना को उस काम के लिए तत्पर रहना पड़ता है जिसके लिए उन्हें तैयार किया जाता है। अगर सेना में भी यह बीमारी फैल गई तो आप जानते है कि क्या समस्या खड़ी हो जाएगी। हमें सेना के काम का सम्मान करना चाहिए। वह एक साथ रहकर अनुशासनात्मक तरीके से काम करती है।

दिल्ली हाईकोर्ट ने यह टिप्पणी तब की जब आदित्य एन प्रसाद नाम के वकील ने अदालत में एक सवाल उठाया। उन्‍होंने कहा कि सेना ने दिल्ली के संदर्भ में कहा था कि वह फील्ड अस्पताल में मदद नहीं कर सकती है। वहीं, खबर है कि वह पटना में ऐसा कर रही है।

जस्टिस सांघी ने कहा कि हमें इन सब बातों में नहीं पड़ना चाहिए कि सेना वहां के लिए कर रही है और यहां के लिए नहीं। उन्होंने कहा कि हमें कम से कम सेना के काम का तो सम्मान करना चाहिए।

कोर्ट ने यह भी कहा कि सेना ने यह कभी नहीं कहा कि वह नहीं कर सकती। उसने केवल इतना कहा है कि वह पहले ही यहां के लिए वह सब कर रही है, जो उसे करना चाहिए।

केंद्र ने बुधवार को दिल्‍ली हाईकोर्ट को बताया था कि सेना अभी राजधानी में फील्‍ड अस्‍पताल नहीं बना सकती है। वह पहले ही कोरोना की रोकथाम में कई तरीके से मदद कर रही है।

बता दें कि सेना ने पूर्वोत्‍तर से दो फील्ड अस्पतालों को पटना में शिफ्ट किया है। इसके जरिये ईएसआई पटना में 100 आईसीयू बेड और कुल 500 बेड वाला मेकशिफ्ट अस्पताल बनाया जा रहा है. इन अस्पतालों में सेना के चिकित्सा विशेषज्ञ, चिकित्सा अधिकारी, नर्सिंग और सहायक कर्मचारी काम करेंगे।