बंगाल हिंसाः ममता पर बरसे ओवैसी, लोगों की जान नहीं बचा सकती तो फेल है सरकार

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कोलकाता
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित होने के बाद प्रदेश में हिंसा भड़क उठी है। बीजेपी ने आरोप लगाया है कि मतगणना के बाद उसके 9 कार्यकर्ताओं की हत्या की गई। हिंसा को लेकर प्रदेश की कार्यवाहक मुख्यमंत्री भी लोगों के निशाने पर हैं। मंगलवार को ने भी ममता की निंदा करते हुए कहा कि लोगों की जान बचाना उनका पहला कर्तव्य होना चाहिए।

ओवैसी ने कहा, ‘जीवन का अधिकार हर किसी का मौलिक अधिकार है। लोगों के जीवन की रक्षा करना किसी भी सरकार का पहला कर्तव्य होना चाहिए। यदि वे ऐसा नहीं करते हैं, तो वे अपने मौलिक कर्तव्य को निभाने में असफल हो रहे हैं।’ उन्होंने आगे कहा कि हम भारत के किसी भी हिस्से में लोगों के जीवन की सुरक्षा करने में किसी भी सरकार के विफल होने की निंदा करते हैं।

बता दें कि चुनावी नतीजे आने के बाद से बंगाल में जारी राजनीतिक हिंसा के बीच बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष जेपी नड्डा बंगाल दौरे पर पहुंच गए हैं। उन्होंने यहां पीड़ित कार्यकर्ता के घर जाकर उनसे मुलाकात की। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बंगाल की स्थिति को लेकर गवर्नर जगदीप धनखड़ से बात की है। हिंसा को लेकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रदेश के तमाम बड़े अधिकारियों के साथ मंगलवार को मीटिंग बुलाई है। इस मीटिंग में मुख्य सचिव, गृह सचिव, डीजीपी और कोलकाता के पुलिस कमिश्नर शामिल होंगे।

बंगाल में चुनाव बाद भड़की हिंसा
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद बड़े पैमाने पर हिंसा देखने को मिली। बीजेपी और टीएमसी वर्करों के बीच कथित तौर पर झड़प के दौरान कई लोगों की मौत भी खबर है। सोशल मीडिया पर मारपीट, आगजनी और दुकानों को लूटे जाने के वीडियो वायरल हो रहे हैं जो बंगाल के बताए जा रहे हैं। बीजेपी का दावा है कि उसके 6 कार्यकर्ता मारे गए तो वहीं जबकि कैलाश विजयवर्गीय के अनुसार, 9 से अधिक वर्कर की हत्या हुई है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राज्य सरकार से रिपोर्ट तलब की है।