बुलंदशहर हिंसा के मुख्य आरोपी योगेश ने जीता पंचायत चुनाव, इंस्पेक्टर सुबोध की हुई थी मौत

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बुलंदशहर
उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में 2018 की घटना ने पूरे देश में हलचल मचा दी थी। यहां गोकशी के आरोप में दंगा हुआ और उसमें पुलिस इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह की हत्या कर दी गई। दंगा भड़काने का मुख्य आरोप बजरंग दल के एक पूर्व कार्यकर्ता योगेश राज पर लगा। योगेश को गिरफ्तार करके जेल भेजा गया था। बीते दिनों वह जमानत पर बाहर आया। यूपी पंचायत चुनाव में वह प्रत्याशी बना और चुनाव जीत लिया।

बुलंदशहर प्रशासन के एक अधिकारी ने बताया, ‘योगेश ने पंचायत चुनावों के लिए वार्ड नंबर 5 से चुनाव लड़ा था। यहां से पांच और उम्मीदवार मैदान में थे। सबको हराकर योगेश ने जिला पंचायत सदस्य का चुनाव जीत लिया है।’ अधिकारी ने कहा कि पिछले महीने हुए पंचायत चुनावों की मतगणना समाप्त हो गई है, लेकिन विजेताओं को प्रमाण पत्र का वितरण होना बाकी है।

80 लोगों के खिलाफ हुई थी एफआईआर
योगेश राज 2018 में बजरंग दल के बुलंदशहर इकाई के संयोजक थे। 3 दिसंबर 2018 को जिले में गोकशी के आरोप में हिंसा भड़की। सियाना इलाके मे हुई इस हिंसा में इंस्पेक्टर सुबोध सिंह समेत दो की हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने 80 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया था। इसमें 27 आरोपी नामजद थे और बाकी अज्ञात थे।

अक्टूबर 2019 में योगेश को मिली थी जमानत
योगेश के खिलाफ नामजद एफआईआर थी। हिंसा भड़काने का मुख्य आरोप योगेश राज पर लगा था। पुलिस ने उन्हें 3 जनवरी, 2019 को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। उनके ऊपर एनएसए भी लगाया गया था। मामले की जांच के लिए गठित एक विशेष जांच दल (SIT) ने अदालत में दायर आरोप पत्र में उनके ऊपर लगाया गया एनएसए हटा दिया गया था। योगेश को अक्टूबर 2019 में जमानत दे दी गई थी।

‘दंगा भड़काने का आरोप है, हत्या का नहीं’
बजरंग दल की पश्चिमी उत्तर प्रदेश इकाई के सह-संयोजक प्रवीण भाटी ने कहा कि योगेश उनके दल के पदाधिकारी या सदस्य नहीं है। भाटी ने कहा कि बजरंग दल या इसके मूल निकाय विश्व हिंदू परिषद (VHP) का कोई सदस्य इस तरह के चुनाव नहीं लड़ सकता है। वही योगेश ने कहा कि उनके ऊपर हिंसा भड़काने का आरोप है न कि दंगे में मारे गए दो लोगो की हत्या का।