बाबा नागार्जुन के बेटे वरिष्ठ पत्रकार सुकांत नागार्जुन का निधन, कैंसर-कोरोना को दे चुके थे मात

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पटना।
बिहार के जाने माने पत्रकार सुकान्त नागार्जुन अब हमारे बीच नहीं रहे। पटना के राजीव नगर इलाके में रह रहे सुकांत ने दोपहर 2 बजे अंतिम सांस ली। वह देश के कई राज्यों के अखबार में काम कर चुके थे। पटना से निकलने वाले नवभारत टाइम्स में बतौर ब्यूरो चीफ भी काम कर चुके थे।

कैंसर और कोरोना को हरा चुके थे सुकान्त नागार्जुन
दिवंगत सुकान्त नागार्जुन के साथ काम करने वाले वरिष्ठ पत्रकार प्रवीण बागी ने बताया कि दो साल पहले उन्होंने कैंसर को हरा दिया था। कैंसर से पीड़ित सुकान्त नागार्जुन का ऑपरेशन किया गया था इसके बाद उन्होंने अपने दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ कैंसर को मात दी थी। प्रवीण बागी ने यह भी बताया कि सुकांत कुछ दिन पहले ही कोरोना संक्रमित भी हो गए थे। लेकिन उन्होंने जिस तरह कैंसर को पटखनी दी थी उसी तरह कोरोना वायरस को भी अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति और सकारात्मक सोच की वजह से मात दी थी।

कोरोना से ठीक होने के बाद कम होने लगा था ऑक्सीजन लेवल
वरिष्ठ पत्रकार प्रवीण बागी ने बताया कि घर में रहकर ही सुकांत नागार्जुन ने कोरोना वायरस को हरा दिया था। संक्रमण के करीब 15 दिन बाद जब टेस्ट कराया तो उनकी रिपोर्ट कोरोना नेगेटिव आई थी। लेकिन कोरोना नेगेटिव होने के दो-तीन दिन बाद से ही उनका ऑक्सिजन लेवल घटने लगा था। प्रवीण बागी ने बताया कि शुक्रवार को सुकान्त का ऑक्सीजन लेवल 90 से नीचे आ गया था। इसकी वजह से उन्हें अस्पताल ले जाने की तैयारी की जा रही थी। लेकिन अस्पताल ले जाने से पहले ही वे सभी को छोड़कर चले गए।

पटना स्थित आवास पर पत्नी के साथ रहते थे सुकान्त नागार्जुन
बताया गया कि दिवंगत सुकान्त नागार्जुन के दो बेटे हैं जिनमें से एक दिल्ली में तो दूसरा बेंगलुरु में रहता है। प्रवीण बागी ने बताया कि जब सुकान्त नागार्जुन कोरोना पॉजिटिव हुए थे तब उनके दोनों लड़के उनकी सेवा के लिए पटना में मौजूद थे। उन्होंने बताया कि कोरोना नेगेटिव होने के बाद उनके दोनों लड़के वापस लौट गए थे और सुकान्त अपनी पत्नी के साथ पटना में रह रहे थे।

नवभारत टाइम्स और हिंदुस्तान में भी काम कर चुके थे सुकान्त
दिवंगत सुकांत नागार्जुन के मित्रवत रहे वरिष्ठ पत्रकार प्रवीण बागी ने यह भी बताया कि सुकान्त नागार्जुन ने ‘ हिंदुस्थान ‘ अखबार से अपना करियर शुरू किया था। इसके बाद वह हिंदुस्तान, पाटलिपुत्र टाइम, नवभारत टाइम्स, समाचार भारती, राजस्थान पत्रिका सन्मार्ग जैसे कई अखबारों में महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके थे। वरिष्ठ पत्रकार प्रवीण बागी ने बताया कि सुकान्त की कई कविता की पुस्तकें भी प्रकाशित हो चुकी है। उन्होंने बताया कि उनकी कविता की पुस्तकें ‘ ‘ के नाम से प्रकाशित होती थी। प्रवीण बागी ने यह भी बताया कि सुकान्त नागार्जुन के सभी दलों के नेताओं से अच्छे संबंध थे लेकिन नेताओं द्वारा कुछ भी गलत किए जाने पर वे उन्हें छोड़ते भी नहीं थे।