PM Cares फंड से सरकार खरीदेगी एक लाख पोर्टेबल ऑक्सिजन कंसंट्रेटर

0
4

नई दिल्ली
प्रधानमंत्री ने बुधवार को कहा कि सरकार प्रधानमंत्री नागरिक सहायता और आपात राहत कोष (पीएम केयर्स) से एक लाख पोर्टेबल ऑक्सिजन सांद्रक खरीदेगी और देश के विभिन्न राज्यों के स्वास्थ्य केंद्रों में 500 पीएसए (प्रेशर स्विंग ऐड्सॉर्प्शन) चिकित्सीय ऑक्सिजन उत्पादन संयंत्रों की स्थापना करेगी। उन्होंने कहा कि इससे जिला मुख्यालयों और टू टीयर शहरों में ऑक्सिजन की उपलब्धता बेहतर होगी।

प्रधानमंत्री कार्यालय ने एक बयान में कहा कि ऑक्सिजन सांद्रक और पीएसए संयंत्रों से मांग वाले क्षेत्रों में ऑक्सिजन की आपूर्ति तेज होगी। यह फैसला प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में लिया गया। बैठक में कोविड-19 प्रबंधन के लिए तरल ऑक्सिजन की आपूर्ति बेहतर करने के लिए आवश्यक कदमों पर चर्चा की गई।

प्रधानमंत्री ने निर्देश दिया कि इन ऑक्सिजन सांद्रकों को जल्द से जल्द खरीदा जाए और जिन राज्यों में कोविड-19 के मामले सबसे अधिक हैं उन्हें इनकी आपूर्ति की जाए। इससे पहले सरकार पीएम केयर्स फंड से ऐसे ही 713 पीएसए संयंत्रों की स्थापना को मंजूरी दे चुकी है।

मोदी ने ट्वीट कर कहा, ‘एक लाख पोर्टेबल ऑक्सिजन सांद्रक खरीदे जाएंगे, साथ ही 500 और पीएसए ऑक्सिजन संयंत्र की स्थापना को पीएम केयर्स कोष से मंजूरी दी गई है। इससे जिला मुख्यालयों और टीयर-2 के शहरों में ऑक्सिजन की उपलब्धता बेहतर होगी।’

इन 500 पीएसए ऑक्सिजन संयंत्रों की स्थापना रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) और वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) द्वारा विकसित घरेलू प्रौद्योगिकी के हस्तांतरण और घरेलू निर्माताओं द्वारा की जाएगी। ज्ञात हो कि देश में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के मद्देनजर अस्पतालों में ऑक्सिजन की मांग तेजी से बढ़ी है।

बयान के मुताबिक इस तरह से अपने स्तर पर ऑक्सिजन उत्पादन सुविधा से इन अस्पतालों और जिले की दिन-प्रतिदिन की मेडिकल ऑक्सिजन की जरूरतें पूरी हो सकेंगी।

उल्लेखनीय है कि 27 मार्च 2020 को कोविड-19 महामारी जैसी किसी भी तरह की आपातकालीन या संकट की स्थिति से निपटने के प्राथमिक उद्देश्य से एक समर्पित राष्ट्रीय निधि की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए और उससे प्रभावित लोगों को राहत प्रदान करने के लिए ‘आपात स्थितियों में प्रधानमंत्री नागरिक सहायता और राहत कोष (पीएम केयर्स फंड)’ के नाम से एक सार्वजनिक धर्मार्थ ट्रस्ट बनाया गया था।