देश के 150 जिलों में लॉकडाउन लगाने की तैयारी, जानिए क्या होगा नियम

0
4

नई दिल्ली
कोरोना के बढ़ते केस के बीच देश के कई जिलों में एक बार फिर लॉकडाउन लग सकता है। स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से एक प्रपोजल तैयार किया गया है जिसके तहत उन शहरों में लॉकडाउन लगाए जाने की सिफारिश की गई है जहां कोरोना संक्रमण की दर 15 प्रतिशत से अधिक है। इस दौरान सिर्फ जरूरी सेवाओं को छूट देने की सिफारिश की गई है।

ऐसे जिलों की संख्या देश में 150 के करीब हो सकती है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की मंगलवार हुई बैठक में यह प्रस्ताव आया। हालांकि इस पर अंतिम फैसला केंद्र की ओर से राज्यों के साथ चर्चा के बाद लिया जाएगा। कोरोना के बढ़ते केस के बीच इस पर लगाम लगाने के लिए ऐसे कदम उठाए जाने की जरूरत बताई गई।

जो प्रस्ताव केंद्र को भेजा गया है उसमें इस बात पर जोर दिया गया है कि 15 फीसदी से ज्यादा पॉजिटिविटी रेट वाले जिलों में लॉकडाउन जरूरी है। इन जिलों में जरूरी सेवाओं को छूट देकर लॉकडाउन लगाना होगा नहीं तो स्वास्थ्य प्रणाली पर इसका बोझ अधिक बढ़ जाएगा।

सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि ऐसे जिले जहां संक्रमण की दर अधिक है वहां कोरोना की रफ्तार रोकने के लिए ऐसे कदम उठाए जाने जरूरी हैं। कुछ हफ्ते का लॉकडाउन लगाए जाने से कोरोना के चेन को ब्रेक किया जा सकता है।

देश में कोरोना के बढ़ते मामलों के कारण ऑक्सिजन की संकट खड़ा हो गया है। इस बीच सरकार ने बताया कि लिक्विड मेडिकल ऑक्सिजन (एलएमओ) का उत्पादन बढ़कर प्रतिदिन 8,922 टन हो गया है, जिसके महीने के अंत तक प्रतिदिन 9,250 टन से अधिक हो जाने की उम्मीद है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मंगलवार को एक उच्च स्तरीय बैठक में इस जीवन रक्षक गैस के बढ़ते उत्पादन के बारे में जानकारी दी गई। कोविड-19 के बढ़ते मामलों के बीच कई स्थानों में ऑक्सिजन की कमी की खबरें सामने आई हैं। प्रधानमंत्री कार्यालय के मुताबिक बैठक में मोदी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे जल्द से जल्द पीएसए ऑक्सिजन संयंत्र शुरू करने के लिए राज्य सरकारों के साथ मिलकर काम करें।