ऑक्सिजन रोकने वालों को लटका देंगे… आज जब दिल्ली हाई कोर्ट ने दिखाया रौद्र रूप

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पहले से ही मरीजों की संख्या कहीं अधिक है और अब ऑक्सिजन की कमी ने दिल्ली के हॉस्पिटल की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। एक के बाद एक कई हॉस्पिटल ऑक्सिजन कमी को लेकर गुहार लगा रहे हैं। ऑक्सिजन की कमी को लेकर महाराजा अग्रसेन अस्पताल की ओर से याचिका लगाई है। शनिवार इस पर सुनवाई के दौरान दिल्ली हाई कोर्ट की ओर से सख्त टिप्पणी की गई है। सुनवाई के दौरान कोरोना से जुड़े सवाल-

ऑक्सिजन की सप्लाई पर केंद्र सरकार की तरफ से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने हाई कोर्ट से क्या कहा?एयरलिफ्ट के जरिए सिर्फ खाली टैंकर दुर्गापुर तक भेज गए हैं और भेजे जा सकते हैं। लेकिन वे भरने के बाद लिफ्ट नहीं किए जा सकते हैं। अगर ये टैंकर दिल्ली आते हैं तो मॉनिटरिंग का सिस्टम होना जरूरी है। जिससे देखा जा सके कि किस अस्पताल को कितनी ऑक्सीजन पहुंचाई जा रही है। इसे क्रिटिसिजम की तरह न लिया जाए। मैं भी दिल्ली का निवासी हूं।

ऑक्सिजन की कमी से जूझ रहे अग्रसेन हॉस्पिटल ने हाई कोर्ट में क्या कहा?अग्रसेन अस्पताल ने केंद्र सरकार का पक्ष रख रहे सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता के दावों पर सवाल उठाते हुए कहा कि हमारे यहां 306 मरीज हैं और 106 क्रिटिकल हैं। हम कल से उनके नोडल ऑफिसर से लेकर हर अधिकारी से संपर्क कर रहे हैं और हमें बताया कि हमारा नाम तक उस लिस्ट में नहीं है जहां ऑक्सिजन सप्लाई की जानी है। हम क्या करें ?

ऑक्सिजन आपूर्ति कौन कर रहा है बाधितअदालत ने दिल्ली सरकार से कहा कि वह बताए कि कौन ऑक्सिजन की आपूर्ति को बाधित कर रहा है। पीठ ने कहा, हम उस व्यक्ति को लटका देंगे। हम किसी को भी नहीं बख्शेंगे। अदालत ने दिल्ली सरकार से कहा कि वह स्थानीय प्रशासन के ऐसे अधिकारियों के बारे में केंद्र को भी बताए ताकि वह उनके खिलाफ कार्रवाई कर सके।

उच्च न्यायालय ने केंद्र से भी सवाल किया कि दिल्ली के लिए आवंटित प्रतिदिन 480 मीट्रिक टन ऑक्सीजन उसे कब मिलेगी?दिल्ली सरकार ने अदालत को सूचित किया कि उसे पिछले कुछ दिनों से रोजाना सिर्फ 380 मीट्रिक टन ऑक्सीजन ही मिल रही है और शुक्रवार को उसे करीब 300 मीट्रिक टन ऑक्सीजन मिली थी। इसके बाद अदालत ने केंद्र से सवाल किया।