लखनऊ, कानपुर से नोएडा तक…जिंदगी के लिए ऑक्सिजन की जंग, जानें क्या है हाल

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लखनऊ/कानपुर/वाराणसी
कोरोना के नए मामलों के साथ यूपी में ऑक्सिजन की कमी काफी बढ़ गई है। अस्पतालों में बिना ऑक्सिजन के तड़प रहे हैं। शरीर का ऑक्सिजन लेवल गिरता जा रहा है। लखनऊ, कानपुर, वाराणसी समेत कई जिलों से ऐसे मामले सामने आ रहे हैं। अलीगढ़ में ऑक्सिजन के अभाव में एक प्राइवेट अस्पताल में 5 लोगों की जान चली गई। लखनऊ के प्राइवेट अस्पतालों में ऑक्सिजन की स्थिति इतनी विकराल है कि मरीजों को दूसरे अस्पताल जाने के लिए कहा जा रहा है। इस बीच सीएम योगी आदित्यनाथ ने ऑक्सिजन और दवाई की कालाबाजारी पर कठोर कार्रवाई के आदेश दिए हैं।

लखनऊ में मरीजों को लौटा रहे प्राइवेट अस्पताल
लखनऊ के बड़े कोविड अस्पतालों के अलावा छोटे कोविड और नॉन कोविड अस्पतालों में भी ऑक्सिजन संकट बना हुआ है। ऑक्सिजन की कमी होने से दिक्कतों की जानकारी सीएमओ और जिला प्रशासन को भेजने के बावजूद बुधवार शाम तक कोई राहत नहीं मिल सकी थी। ऐसे में अस्पतालों ने शाम से मरीजों को लौटाना शुरू कर दिया था।

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मेयो, मेकवेल और टीएस मिश्रा अस्पताल ने बुधवार को तीमारदारों से कह दिया कि वे ऑक्सिजन सपोर्ट मरीजों को दूसरे संस्थान ले जाएं। इससे तीमारदारों में अफरा-तफरी मच गई। खबर लिखे जाने तक मेयो अस्पताल में ऑक्सिजन सप्लाइ की स्थिति ठीक हुई है। चरक अस्पताल में भी ऑक्सिजन की कमी बताई जा रही है। कई कोविड अस्पताल तो ऑक्सिजन के कारण शुरू ही नहीं हो सके।

100 सिलिंडर मांगे थे, महज 25 ही मिल रहे
अजंता अस्पताल को कोविड अस्पताल बनाया गया लेकिन ऑक्सिजन न होने से अब तक मरीजों की भर्ती ही नहीं शुरू हो सकी है। 100 बेड के अस्पताल में महज बीस संचालित किए जा रहे हैं। इनमें से महज 6 पर ऑक्सिजन उपलब्ध हैं। अस्पताल ने 100 सिलिंडर की डिमांड की थी, जबकि महज 25 ही दिए जा रहे हैं। अवध अस्पताल ने भी सीएमओ से ऑक्सिजन की डिमांड की थी, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। ऐसे में कई मरीज दूसरे अस्पतालों में शिफ्ट किए गए और नए की भर्ती रोक दी गई। लखनऊ के गढ़ी कनौरा स्थित औध ऑक्सिजन कंपनी के बाहर ऑक्सिजन के लिए लोगों की लाइन लगी है।

अलीगढ़ में ऑक्सिजन की कमी से पांच की मौत
अलीगढ़ जिले के एक निजी अस्पताल में कथित रूप से ऑक्सीजन की कमी के कारण कोरोना वायरस से संक्रमित पांच मरीजों की मौत के बाद बीती रात उनके परिजन ने हंगामा किया। अलीगढ़ के नौरंगाबाद थाना क्षेत्र स्थित गांधी पार्क इलाके के एक निजी अस्पताल में बुधवार रात कोरोना वायरस से संक्रमित पांच मरीजों की कुछ ही समय के अंतराल में मौत हो गई।

मृतकों में शामिल अनिल कश्यप (50) के भाई श्याम कश्यप ने बताया, ‘अस्पताल में ऑक्सिजन की कमी के कारण एक के बाद एक, पांच कोविड मरीजों की मौत हो गई। इस घटना के बाद अस्पताल प्रशासन ने ऑक्सिजन के 40 सिलिंडर मंगवा कर मामले की लीपापोती की कोशिश शुरू कर दी है।’

ऑक्सिजन की कमी के आरोपों को मालिक ने बताया गलत
हालांकि अस्पताल के मालिक डॉक्टर संजीव शर्मा ने ऑक्सिजन की कमी के आरोपों को गलत बताया और कहा कि किसी भी मरीज की ऑक्सीजन की कमी के कारण मौत नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि वे सभी मरीज वेंटिलेटर पर थे और यह महज इत्तेफाक है कि उनकी थोड़े समय के अंतराल पर मौत हो गई। अस्पताल में पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन उपलब्ध है।

कानपुर में अधिकारियों ने बंद कर लिए अपने फोन
कानपुर में ऑक्सिजन की कमी के चलते हालात बदतर बने हुए हैं। लेवल-3 एलएलआर अस्पताल और सभी सरकारी-प्राइवेट अस्पतालों में ऑक्सिजन की किल्लत है। जिले में ऑक्सिजन सप्लाई के लिए जिम्मेदार अधिकारियों ने अपने फोन बंद कर लिए हैं। वहीं कोविड कंट्रोल रूम से रेफरल के 2-3 दिन बाद तक निजी अस्पतालों में मरीजों को भर्ती नहीं किया जा रहा है।

एलएलआर में कई दिनों से ऑक्सिजन संकट
जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज से संबद्ध लाला लाजपत राय अस्पताल में कई दिनों से ऑक्सिजन का संकट चल रहा है। बुधवार को भी अस्पताल प्रशासन अपने संसाधनों से ऑक्सिजन का इंतजाम करता रहा। लेकिन मरीजों की ज्यादा जरूरत को देखते हुए यह अपर्याप्त था। सूत्रों का कहना है कि मंगलवार बुधवार रात तो इमरजेंसी में मरीजों का लोड इस कदर बढ़ा कि वहां नए मरीज लेने तक बंद कर दिए गए। जानकारों का कहना है कि शहर में कोविड मरीजों का इलाज कर रहे निजी अस्पताल भी ऑक्सिजन की किल्लत से जूझ रहे हैं।

नहीं मिल रहे अस्पताल
इसी तरह कोविड के एकीकृत नियंत्रण कक्ष से निजी अस्पतालों को रेफर किए जा रहे मरीजों को वहां दाखिला नहीं मिल रहा है। बुधवार को ऐसे कई केस आए। उन्नाव, फतेहपुर, बांदा, हमीरपुर और कन्नौज से भी गंभीर मरीजों को कानपुर भेजा जा रहा है। ऐसे में सरकारी और निजी अस्पतालों में कई गुना लोड बढ़ गया है।

ऑक्सिजन की कालाबाजारी, 51 सिलिंडर बरामद
कानपुर पुलिस आयुक्तालय की अपराध शाखा ने ऑक्सिजन ब्लैक-मार्केटिंग रैकेट का भंडाफोड़ किया और 51 सिलेंडर बरामद किए। इस सिलसिले में शहर के गोविंद नगर इलाके में गैस एजेंसी के मालिक को गिरफ्तार किया गया है। डीसीपी (अपराध) सलमान ताज पाटिल के अनुसार, जांच से पता चला कि एजेंसी मालिक ऑक्सिजन सिलेंडर की कालाबाजारी में शामिल था। पाटिल ने कहा, ‘ऑक्सिजन सिलेंडरों की कालाबाजारी की शिकायतों के बाद हमने गोविंद नगर इलाके में नाद लाल चौराहे के पास गैस एजेंसी के मालिक की निगरानी की।’

पुलिस ने गोदाम से लगभग 51 बड़े और छोटे ऑक्सीजन गैस सिलेंडर जब्त किए और एजेंसी के मालिक जसवंत सिंह को पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया है। पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘हम पिछले कुछ दिनों में ऑक्सीजन सिलेंडर की बिक्री और खरीद से संबंधित ब्योरा मांग रहे हैं। अगर उसके खिलाफ आरोप सही पाए जाते हैं तो उसे आईपीसी की संबंधित धाराओं के तहत उसे गिरफ्तार किया जाएगा।’

नोएडा में दो सगे भाई ने तोड़ा दम
ऑक्सिजन की कमी से लोगों की जान जा रही है। कोरोना की वजह से दम तोड़ चुके दो सगे भाइयों की अस्थियां लेने आये परिवारीजन बुधवार को अपना दर्द बयां किया। उन्होंने बताया कि ऑक्सिजन की कमी के चलते मौत हो रही है। यह कहते ही वह रोने लगे। सेक्टर 49 के रहने वाले नितिन ने बताया कि दो सगे भाई नटवर लाल और सुनील कुमार ऑक्सिजन की कमी चलते जिंदगी से हार गए। दोनों कोरोना संक्रमति थे। नितिन ने बताया कि सोमवार को ऑक्सिजन खत्म होने पर डॉक्टरों ने हाथ खड़े कर दिए। मंगलवार को दोनों भाई की चिताएं एक साथ जलाई गईं।

शारदा में मरीज की मौत पर हंगामा
शारदा में मरीज की मौत पर मंगलवार रात हंगामा हो गया। परिवारीजन का आरोप है कि इलाज में लापरवाही करने से युवक की जान चली गई। मृतक के भाई प्रतिम ने बताया कि 41 वर्षीय बड़े भाई का इलाज शारदा में चल रहा था। मरीज की हालत पूछने पर उन्हें धमकाया जाता था। मौत की सूचना पर सीटी स्कैन रिपोर्ट मांगी गई तो किसी ने नहीं दिया इसको लेकर हंगामा भी हुआ। परिवार का आरोप है कि डॉक्टरों की लापरवाही से उनके भाई की मौत हुई है।

वाराणसी में 8 से 10 घंटे का ऑक्सिजन ही रिजर्व
पीएम के संसदीय क्षेत्र वाराणसी भी इससे अछूता नहीं है। बेकाबू कोरोना से हालात इतने बिगड़ गए हैं कि वाराणसी के लगभग सभी अस्पतालों में 8 से 10 घंटे का ऑक्सिजन ही रिजर्व है। ऐसा हम नहीं वाराणसी के डीएम कौशल राज शर्मा खुद कह रहे हैं। डीएम कौशल राज शर्मा ने बताया कि वाराणसी जिले में हर दिन लगभग 3400 ऑक्सिजन सिलिंडर की सप्लाइ है। ऑक्सिजन की किल्लत को देखते हुए पूरी रात हम हॉस्पिटल में ऑक्सिजन सिलिंडरों की रिफलिंग कराकर उसकी आपूर्ति कर रहे हैं। जिन अस्पतालों में कम ऑक्सिजन है, वहां प्राथमिकता के तौर पर इसकी सप्लाई की जा रही है।