अस्पतालों से लौटाए जा रहे मरीज, बिना इलाज मौत…34% कोविड बेड कैसे खाली? गुजरात बेहाल

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अहमदाबाद
गुजरात में कोरोना रोज रेकॉर्ड बना रहा है। सोमवार को 11,403 कोविड-19 मामले सामने आए। 24 घंटे के अंदर 117 लोगों की कोरोना से मौत हो गई। कोरोना के मामलों में इतनी बढ़ोत्तरी हुई है कि बेड फुल हो गए हैं। मरीजों को अस्पतालों में भर्ती नहीं मिल पा रही है। अहमदाबाद में घंटों इंतजार के बाद मरीज ऐंबुलेंस में ही दम तोड़ रहे हैं। वहीं राज्य सरकार का दावा है कि शहर में कोविड डेडिकेटेड हॉस्पिटलों में 14 फीसदी बेड खाली हैं और पूरे शहर में अस्पतालों के 20 प्रतिशत बेड खाली पड़े है।

विश्रामपुर से शुक्ला परिवार 1,200 बेड वाले कोविड सिविल अस्पताल के बाहर खड़े बेड का इंतजार कर रहे थे। वह अपने 35 वर्षीय बेटे के साथ कार में पहुंचे थे। अस्पताल में उन्हें बेड नहीं मिला, बाहर हालत खराब हुई तो कार के अंदर ही उन्हें ऑक्सिजन लगाया गया। यह सिर्फ शुक्ला परिवार ही नहीं था, उनके जैसे दर्जनों लोग बेड के लिए अस्पताल के बाहर वेटिंग में थे।

अस्पतालों का यह है हाल
सोमवार शाम तक, पूरे गुजरात में 88 प्रतिशत बेड फुल होने की सूचना थी। अहमदाबाद में, 160 कोविड अस्पतालों में 5,578 बेड हैं, इनमें से 97 फीसदी बेड भरे थे। हेल्थकेयर विशेषज्ञों ने कहा कि अगर इसी दर से कोरोना केस बढ़ते रहे तो कितने भी बेड बढ़ाए जाएं, पूर्ति नहीं हो पाएगी। उन्होंने कहा कि भर्ती किए गए 100 मरीजों में से सिर्फ 38 ही बीते सात दिनों में डिस्चार्ज किए गए, बाकी बेड पर मरीज अब भी भर्ती हैं। यदि हम 1,000 और बिस्तर बढ़ाते हैं, तो यह कुछ ही समय में भर जाएगा। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने कहा कि इस स्थिति से निपटने के लिए सिर्फ यही एक तरीका है कि जल्द से जल्द मामलों की पहचान की जाए और मरीजों को होम केयर के लिए तैयार किया जाए।

5-6 दिनों में मरीजों की कर रहे छुट्टी
अहमदाबाद हॉस्पिटल्स एंड नर्सिंग होम्स असोसिएशन (AHNA) के उपाध्यक्ष डॉ. अनीश चंदाराणा ने कहा कि पिछले 5-6 दिनों से उन्होंने मरीजों को रेमडेसिविर इंजेक्शन का कोर्स पूरा करने और उनका ऑक्सिजन स्तर ठीक करने के बाद पांचवें या छठे दिन छुट्टी देनी शुरू कर दी है।

सात जिलों में बेड नहीं
गुजरात हाई कोर्ट में सरकार ने कहा कि राज्यभर में टोटल 79,944 कोविड बेड में से 34 फीसदी रविवार को खाली थे। इनमें DCH (डेडिकेटेड कोविड हॉस्पिटल) में बेड, ऑक्सिजन वाले DCHC और बिना लक्षणों वाले मरीजों के लिए बनाए गए कोविड केयर सेंटर्स के बेड शामिल हैं। हालांकि, सरकार ने कहा कि सात जिलों- अमरेली, खेड़ा, मेहसाणा, पाटन, पोरबंदर, सुरेंद्रनगर और वलसाड में डीएचसी में खाली बेड खाली नहीं थे।

सरकार ने बताया, कहां कितने बेड
अपनी रिपोर्ट में, सरकार ने दावा किया कि अहमदाबाद नगर निगम (AMC) क्षेत्रों में ऑक्सिजन और वेंटिलेटर वाले अस्पतालों में 86 फीसदी बिस्तर फुल थे। जबकि अहमदाबाद शहर में 76 फीसदी बेड भरे थे। इसी तरह अहमदाबाद के DCHC में ऑक्सिजन और वेंटिलेटर वाले 82 फीसदी बेड भरे थे। वहीं पूरे अहमदाबाद में 75 फीसदी बेड भरे थे। सूरत के लिए सरकार ने दावा किया कि कोविड के 41.75 फीसदी बिस्तर खाली थे। उन्होंने DCH में खाली 18 फीसदी बेडों को मिलकर यह आंकड़ा दिखाया। वडोदरा शहर DCHs में 14 फीसदी बेड और DCHCs में 39 फीसदी बेड मिलाकर 21.5 फीसदी बेड खाली होने का दावा किया गया। राजकोट में रविवार को 14.85 फीसदी बेड खाली होने का दावा दिया गया।