ऑक्सीजन की बढ़ती मांग, केंद्र सरकार ने 162 संयंत्रों को दी मंजूरी

0
2

नयी दिल्ली
स्वास्थ्य मंत्रालय ने रविवार को कहा कि देश में कोरोना वायरस के तेजी से बढ़ते मामलों के बीच चिकित्सा ऑक्सीजन की मांग बहुत बढ़ जाने पर केंद्र ने सभी राज्यों में जन स्वास्थ्य केंद्रों में 162 प्रेशर स्विंग ऐड्सॉर्प्शन (पीएसए) ऑक्सीजन संयंत्र लगाने को मंजूरी दी है। पीएसए संयंत्र ऑक्सीजन का उत्पादन करते हैं और अस्पतालों को चिकित्सा ऑक्सीजन की अपनी जरूरत के संदर्भ में आत्मनिर्भर बनने में मदद करते हैं। इनसे चिकित्सा ऑक्सीजन की आपूर्ति को लेकर नेशनल ग्रिड पर बोझ भी घटेगा।

ऑक्सीजन की भारी मांग मंत्रालय ने ट्वीट किया कि सभी राज्यों के जन स्वास्थ्य केंद्रों में कुल 162 पीएसए ऑक्सीजन संयंत्र लगाये जाने को सरकार ने मंजूरी दी है। उसने कहा, ‘ इनसे मेडिकल ऑक्सीजन क्षमता 154.19 एमटी (मीट्रिक टन) बढ़ जाएगी।’ मंत्रालय ने कहा कि 162 पीएसए संयंत्रों में से 33 संयंत्र स्थापित किये जा चुके हैं। इनमें से मध्यप्रदेश में पांच, हिमाचल प्रदेश में चार, चंडीगढ़, गुजरात एवं उत्तराखंड में तीन-तीन, बिहार, कर्नाटक और तेलंगाना में दो-दो तथा आंध्रप्रदेश, छत्तीसगढ़, दिल्ली, हरियाणा, केरल, महाराष्ट्र, पुडुचेरी, पंजाब और उत्तर प्रदेश एक-एक संयंत्र लगाये जा चुके हैं।

केंद्र सरकार वहन करेगी खर्चा सरकार ने बताया कि 59 ऐसे संयंत्र अप्रैल के आखिर तक तथा 80 मई के आखिर तक लगाये जायेंगे। उसके अनुसार, इसके अलावा 100 ऐसे और संयंत्रों का राज्यों ने अनुरोध किया है जिन्हें भी मंजूरी दी जा रही है। मंत्रालय ने ट्वीट में कहा , ‘162 पीएसए ऑक्सीजन संयंत्रों की लागत राशि 201.58 करोड़ रूपये का वहन केंद्र सरकार करेगी। इसके साथ ही, तीन साल की वारंटी के बाद चौथे साल से सात साल तक रखरखाव में आने वाला खर्च भी केंद्र ही वहन करेगा।’

18 लाख के पार मरीज देश में रविवार को कोविड-19 के 2,61,500 नये मामले सामने आये और 1501 मरीजों की मौत हो गयी। उपचाराधीन मरीजों की संख्या 18 लाख के पार पहुंच गयी हैं। मंत्रालय ने इससे पहले 50000 मीट्रिक टन चिकित्सा ऑक्सीजन के आयात के लिए निविदा निकालने का निर्णय लिया।