कोरोना की इस दवा के लिए मची मारामारी, सरकार ने प्रोडक्शन बढ़ाने का दिया आदेश

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नई दिल्ली
कोरोना वायरस का संक्रमण देश में काफी तेजी से फैल रहा है। कोरोना के बढ़ते मरीजों के कारण ना केवल अस्पतालों में बेड की कमी हो गई है बल्कि इसके इलाज में इस्तेमाल होने वाली रेमडेसिवीर दवा और एंटी वायरल इंजेक्शन की किल्लत भी काफी बढ़ गई। घरेलू बाजार में इसकी कमी न हो, इसे देखते हुए केंद्र सरकार ने निर्यात पर बैन लगा दिया था और दवा का प्रोडेक्शन बढ़ाने के निर्देश दिए थे। उसी कड़ी में बुधवार को भारत सरकार ने रेमडेसिविर दवा के उत्पादन, आपूर्ति और कीमतों को बढ़ाने का फैसला किया है।

केंद्रीय मंत्री मनसुख मंडाविया ने कहा कि भारत सरकार ने रेमडेसिवीर दवा के उत्पादन, आपूर्ति और कीमतों को बढ़ाने का फैसला किया है। इससे विनिर्माण क्षमता लगभग 80 लाख प्रति माह तक बढ़ जाएगी। इस सप्ताह के अंत तक रेमडेसिविर के निर्माता को मूल्य को कम करके 3500 रुपये से कम करने को कहा गया है।

रेमडेसिविर एक एंटी वायरल दवा है। इसका डेवलपमेंट हेपटाइटिस सी के इलाज के लिए हुआ था। लेकिन, बाद में इबोला वायरस के इलाज में इसका उपयोग किया गया। कोरोना वायरस के इलाज में प्रयुक्त शुरुआती दवाओं में रेमडेसिविर भी शामिल थी। जिसकी वजह से यह दवा मीडिया की सुर्खियों में रही है। हालांकि 20 नवंबर 2020 को विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा था कि कोरोना मरीजों के इलाज में डॉक्टरों को रेमडेसिविर के इस्तेमाल से बचना चाहिए। डब्ल्यूएचओ (WHO) के दावों के उलट दवा बनाने कंपनी ने रेमडेसिविर के पक्ष में दलील देते हुए कहा कि दवा कोरोना के इलाज में कारगर हैं।

भारत में इसे कौन-कौन कंपनी बना रही है?
भारत में रेमडेसिविर दवा को इंजेक्शन के रूप में कई कंपनियां बना रही हैं। इनमें डाक्टर रेड्डी लैब (Dr Reddy’s Lab), जायडस कैडिला (Zydus Cadila), सिप्ला (Cipla) और हेटेरो लैब (Hetero Labs) शामिल हैं। इनके अलावा जुबलिएंट लाइफ साइंस Jubilant Lifesciences और मायलन Mylan भी इसे यहीं बनाने के लिए प्रयासरत हैं।

यूपी में बढ़ने लगी है रेमडेसिवीर दवा की मांग
यूपी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में रेमडेसिवीर की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग को अहमदाबाद से दवा की 25,000 डोज तत्काल मंगाने के आदेश दिए हैं। मुख्यमंत्री के आदेश पर राजकीय वायुयान से आज ही रेमडेसिवर की 25,000 डोज लखनऊ पहुंच जाएंगी। मुख्यमंत्री योगी ने प्रदेश में रेमेडिसिविर इंजेक्शन की उपलब्धता और बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। इस बाबत उन्होंने स्वास्थ्य विभाग से रिपोर्ट तलब भी की है। योगी ने तीसरी बार सरकारी विमान को लोगों के जीवन को बचाने में काम आने वाली दवा लाने के लिए अहमदाबाद भेजा है। इससे पहले उन्होंने पिछले साल नौ जून को ट्रूनेट मशीनें मंगाने के लिए सरकारी विमान को गोवा भेजा था।