वैक्सीनेशन का फायदा समझिए, ICMR ने बताया- अस्पताल में भर्ती होने वाले 85 फीसदी घटे

0
4

नई दिल्ली
भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद () के डीजी ने मंगलवार को कहा कि कोरोना वैक्सी गंभीर संक्रमण विकसित होने और मृत्यु के खतरे को कम करती है। कोविड टीके की दोनों खुराक लेने के बाद भी कुछ लोगों के कोरोना वायरस से संक्रमित होने के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि ये रोग-रोधी टीके हैं और टीकाकरण शुरू होने के बाद अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या में 85 प्रतिशत की कमी आई है।

ये टीके अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित मानदंडों के अनुसार बनाए गए हैं। आईसीएमआर के महानिदेशक ने कहा,’ये टीके रोग रोधी हैं। दो खुराक दिए जाने के बाद, एंटीबॉडी विकसित होती है। कोविड-19 टीके गंभीर संक्रमण और बीमारी के कारण होने वाली मौत के खतरे को कम करते हैं।’ आईसीएमआर देश का सर्वोच्च स्वास्थ्य अनुसंधान निकाय है।

वर्तमान में, भारत में तेजी से टीकाकरण अभियान चल रहा है, जिसमें भारत बायोटेक द्वारा विकसित कोवैक्सीन और सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एसआईआईI) द्वारा निर्मित और ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका द्वारा विकसित कोविशील्ड का उपयोग किया जा रहा है। भारत के औषधि नियामक ने कुछ शर्तों के साथ रूस के कोविड-19 टीके स्पुतनिक वी के आपातकालीन उपयोग की भी अनुमति दे दी है।