मछुआरे के परिजनों का मुआवजा सुप्रीम कोर्ट में जमा करें, फिर आगे की सुनवाई: SC

0
4

नई दिल्ली
इटालियन मरीन द्वारा केरल में मछुआरों की हत्या मामले में मृतक के परिजनों को दिए जाने वाले मुआवजे की रकम सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से जमा करने को कहा है। सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस एसए बोबडे की अगुवाई वाली बेंच ने कहा कि केंद्र सरकार की अर्जी पर सुनवाई से पहले केंद्र सरकार इटली द्वारा दिए गए मुआवजे की रकम सुप्रीम कोर्ट अकाउंट में डिपॉजिट करे और के परिजनों को वह पैसा रिलीज करेगी। मुआवजे की रकम जमा होने के एक हफ्ते बाद सुप्रीम करो्ट केद्र सरकार की उस अर्जी पर सुनवाई करेगा जिसमें केंद्र ने कहा है कि इटालियन मरीन्स के खिलाफ पेंडिंग केस बंद किया जाए।

रकम के लिए तैयार इटालियन सरकारशुक्रवार को सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि मृतक के परिजन 10 करोड़ मुआवजा राशि के लिए तैयार हैं। भारत सरकार ने पीड़ित की ओर से इटालियन सरकार से बात की और वह इसके लिए तैयार हैं। सुप्रीम कोर्ट को सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि भारतीय मोलभाव में काफी बेहतर हैं और हमने विक्टिम के लिए इटालियन सरकार से बात की और वह इस रकम के लिए तैयार हैं।

मुआवजे की रकम सुप्रीम कोर्ट के खाते में डाली जाएकेरल सरकार ने भी विदेश सचिव से कहा है कि विक्टिम परिवार इस मुआवजे की रकम के लिए तैयार है। केरल सरकार के वकील जयदीप गुप्ता ने कहा कि कि विक्टिम के परिजन ने इस मुआवजे की रकम के लिए कन्फर्म किया है। मेहता ने कहा कि क्रिमिनल केस इंटरनैशनल कोर्ट में पेंडिंग है और इंटरनैशनल ट्रिब्यूनल का फैसला अगर स्वीकार किया जाता है तो ट्रायल कोर्ट का जूरिडिक्शन नहीं बनेगा। लेकिन केस सुप्रीम कोर्ट ही बंद कर सकता है। केरल सरकार के वकील ने कहा कि विक्टिम मुआवजा रकम के लिए तैयार है तो फिर पैसा सुप्रीम कोर्ट में डिपॉजिट किया जाए और क्रिमिनल केस रद्द किया जाए। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मुआवजे की रकम सुप्रीम कोर्ट अकाउंट में डाला जाए।

केरल में मछुआरों की हत्या मामलासुप्रीम कोर्ट ने पिछली सुनवाई के दौरान कहा था कि वह मृतक के परिजनों को सुने बिना केस बंद नहीं करेंगे और उन्हें पर्याप्त मुआवजा भी दिया जाना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल सात अगस्त को कहा था कि केरल के मछुआरों की हत्या मामले में जब तक वह पीड़ित पक्ष को नहीं सुन लेती तब तक कोई आदेश पारित नहीं करेगी। दरअसल सुप्रीम कोर्ट में केंद्र सरकार ने याचिका दायर कर इटली के नौसैनिकों के खिलाफ दर्ज केस बंद करने की गुहार लगाई है।सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस की अगुवाई वाली बेंच ने कहा था कि पीड़ित पक्ष को मामले में मुआवजा दिया जाना चाहिए। सरकार इस बात को सुनिश्चित करे। और मछुआरों के परिजनों को पक्षकार बनाने का निर्देश दिया था।