संयुक्त किसान मोर्चा का दावा- बहुत सफल रहा भारत बंद, सरकार के लिए शर्म की बात

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नई दिल्लीसंयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने शुक्रवार को कहा कि केन्द्र के 3 नए कृषि कानूनों के खिलाफ शुक्रवार को बुलाया गया 12 घंटे का ‘भारत बंद’ एक ‘बड़ी सफलता’ है। उसने एक बयान में कहा कि इस तरह के लंबे आंदोलन को बनाए रखना किसानों के धैर्य को बताता है और यह सरकार के लिए शर्म की बात है।

मोर्चा ने दावा किया कि कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और बिहार सहित देश के कई हिस्सों में बंद देखा गया। हालांकि, दिल्ली में बंद का मामूली असर रहा। राष्ट्रीय राजधानी में मेट्रो और रोड ट्रांसपोर्ट पर बंद से किसी तरह का असर नहीं पड़ा। दिन के दौरान शहर के प्रमुख बाजार भी खुले रहे।

संयुक्त किसान मोर्चा ने एक बयान में आरोप लगाया कि ‘बंद’ के दौरान कर्नाटक और गुजरात में पुलिस ने उनके कुछ नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। दरअसल तीन नए कृषि कानूनों को निरस्त किए जाने की मांग को लेकर किसान दिल्ली की तीन सीमाओं सिंघु, गाजीपुर और टीकरी बॉर्डर पर पिछले चार महीनों से आंदोलन कर रहे हैं।

किसानों ने शुक्रवार को देशभर में सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक बंद का आह्वान किया था। बयान में दावा किया गया है कि कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में बंद ‘असरदार’ रहा। इसमें दावा किया गया है, ‘हरियाणा के लगभग हर जिले से सफल ‘भारत बंद’ की खबरें हैं। कुरुक्षेत्र, करनाल, सोनीपत, यमुनानगर, अंबाला जैसे शहरों में बाजार और अन्य सेवाएं बाधित रहीं।’

बयान में दावा किया गया है, ‘पंजाब में मानसा, अमृतसर, मोगा, फिरोजपुर, जालंधर समेत 200 से अधिक स्थानों पर ‘भारत बंद’ कार्यक्रम आयोजित किए गए।’ एसकेएम ने कहा कि बिहार के 20 से अधिक जिलों और पंजाब में 200 से अधिक स्थानों पर ‘बंद’ रहा।

मोर्चा ने दावा किया कि पटना, भोजपुर, रोहतास, बक्सर, गया, नवादा, शेखपुरा, नालंदा, पूर्णिया, बेगूसराय, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, सीवान, वैशाली समस्तीपुर, सीतामढ़ी, जहानाबाद, अरवल, औरंगाबाद, जमुई, पश्चिम चंपारण और अन्य स्थानों पर ‘बंद’ रहा।

संयुक्त किसान मोर्चा ने कहा, ‘इस तरह के लंबे आंदोलन को बनाए रखना, न केवल किसानों के धैर्य और उनकी कड़ी मेहनत का विषय है, बल्कि सरकार के लिए भी एक शर्म की बात है। मौसम की प्रतिकूल स्थितियों में किसान अपने आंदोलन को जारी रखे रहे।’

बयान के अनुसार, उत्तर प्रदेश में अलीगढ़, शामली, मुरादाबाद, इटावा और संभल सहित कई स्थानों पर बाजार बंद रहे और सड़कों से वाहन नदारद रहे। एसकेएम ने दावा किया कि राजस्थान में किसानों ने बीकानेर, श्रीगंगानगर, केसरी सिंहपुर, अनूपगढ़, पदमपुर, राष्ट्रीय राजमार्ग 62 और अन्य स्थानों पर सड़कों को जाम कर दिया।