प्रधानमंत्री मोदी ने शेख मुजीबुर रहमान की बेटियों को गांधी शांति पुरस्कार दिया

0
7

ढाकाभारत की तरफ से बांग्लादेश के राष्ट्रपिता शेख मुजीबुर रहमान को दिया गया 2020 का गांधी शांति पुरस्कार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को उनकी बेटियों- प्रधानमंत्री शेख हसीना और उनकी छोटी बहन रेहाना-को प्रदान किया। देश की आजादी की स्वर्ण जयंती और ‘बंगबंधु’ शेख मुजीबुर रहमान की जन्मशती पर आयोजित समारोह में हिस्सा लेने के लिए मोदी बांग्लादेश के दो दिवसीय दौरे पर हैं।

ढाका के नैशनल परेड स्क्वॉयर पर बांग्लादेश के 50 वें राष्ट्रीय दिवस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मुजीबुर रहमान को गांधी शांति पुरस्कार देना भारत के लिए सम्मान की बात है।

बांग्लादेश के राष्ट्रपिता को श्रद्धांजलि के तौर पर मोदी ने ‘मुजीब जैकेट’ पहन रखी थी और कहा कि बंगबंधु के नेतृत्व और बहादुरी ने यह सुनिश्चित किया कि कोई भी ताकत बांग्लादेश को गुलाम नहीं बना सकती।

मोदी ने कहा, ‘यह मेरे जीवन के सबसे यादगार दिनों में से एक है। मैं शुक्रगुजार हूं कि बांग्लादेश ने मुझे इस आयोजन में शामिल किया। मैं आभारी हूं कि बांग्लादेश ने भारत को इस कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिये आमंत्रित किया। यह हमारे लिए गर्व की बात है कि हमें शेख मुजीबुर रहमान को गांधी शांति पुरस्कार से सम्मानित करने का मौका मिला।’ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पुरस्कार, एक प्रशस्ति-पत्र और एक फलक व शाल प्रधानमंत्री शेख हसीना की मौजूदगी में शेख रेहाना को दिया।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने ट्वीट किया, ‘हमारे उपमहाद्वीप के सबसे महान नेताओं में से एक। बंगबंधु शेख मुजीबुर रहमान को 2020 का गांधी शांति पुरस्कार दिया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गांधी शांति पुरस्कार प्रधानमंत्री शेख हसीना और शेख रेहाना को दिया।’

हसीना ने अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत सरकार को यह प्रतिष्ठित पुरस्कार उनके पिता को प्रदान करने के लिए शुक्रिया कहा। भारत सरकार ने महात्मा गांधी की 125वीं जयंती के मौके पर 1995 में वार्षिक गांधी शांति पुरस्कार देना शुरू किया था। इस हफ्ते के शुरू में बंगबंधु को देने की घोषणा की गई थी। यह पहला मौका है जब किसी को मरणोपरांत यह पुरस्कार दिया गया है। पुरस्कार के तहत एक करोड़ रुपये, प्रशस्ति पत्र, एक फलक और शॉल दी जाती है।