प्रधानमंत्री के पैर छूने के बाद भावुक हुए अनूप चक्रवर्ती, बोले- नरेंद्र मोदी हमारे देवता हैं

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कोलकाता
पश्चिम बंगाल के कांथी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली के दौरान बीजेपी एक कार्यकर्ता ने उन्हें साष्टांग प्रणाम किया। इस पर प्रधानमंत्री अपनी कुर्सी से उठ गए। उन्होंने कार्यकर्ता को उठाया और फिर उस जमीन को दो बार प्रणाम किया, जिस पर बीजेपी कार्यकर्ता ने उन्हें साष्टांग प्रणाम किया था। बीजेपी ने यह वीडियो शेयर करते हुए इसे संस्कार भाव बताया था और कहा था कि बीजेपी एक ऐसा सुसंस्कृत संगठन है, जहां कार्यकर्ताओं में एक-दूसरे के प्रति समान संस्कार का भाव रहता है।

पीएम मोदी को मंच पर साष्टांग दंडवत प्रणाम करने वाले यह कार्यकर्ता हैं, जो बीजेपी के जिलाध्यक्ष भी हैं। चक्रवर्ती प्रधानमंत्री की प्रतिक्रिया से बेहद भावुक हैं। उन्होंने मोदी को अपना अराध्य देवता बताया है और कहा कि इससे पार्टी के अनेक कार्यकर्ताओं को ताकत मिलेगी। नवभारत टाइम्स ऑनलाइन की ओर से
हिमांशु तिवारी ने
अनूप चक्रवर्ती से खास बातचीत की है। आइए जानते हैं, कि इस घटना के बाद अनूप चक्रवर्ती ने क्या कुछ कहा हैः

सवालः कांथी में जब आप मंच पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने पहुंचे तो क्या माहौल था?

जवाबः संगठन के जिला सभापति होने के नाते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अभ्यर्थना करना हमारा दायित्व था। कोरोना वायरस के कारण हमारे भारतीय संस्कार के तहत हम साष्टांग प्रणाम करते हैं। हम मोदी जी को देवता मानते हैं, इसलिए हमने उन्हें साष्टांग प्रणाम किया। इसके बाद मोदी ने हमें उठाया और जिस भूमि पर हमने प्रणाम किया था, उसी भूमि पर मोदी जी ने भी प्रणाम किया। राष्ट्र के इतने बड़े नेता, जिन्होंने दुनिया भर में देश का नाम रोशन किया, उन्होंने एक छोटे से कार्यकर्ता को इतनी इज्जत दी, इससे हम सभी को बहुत ताकत मिलेगी।

सवालः मंच पर बीजेपी के कई बड़े पदाधिकारी मौजूद थे। इस घटना के बाद उन्होंने आपसे क्या कहा?

जवाबः सभी ने धन्यवाद किया है। हमारे पास संस्कार था, हमने वही दिखाया। यह हमारे देश की संस्कृति है।

सवालः विधानसभा चुनाव को लेकर बीजेपी कार्यकर्ताओं का जोश कैसा है? ‘हाई’ है या नहीं?

जवाबः बहुत ज्यादा (‘हाई’ है)। पूरे देश के कार्यकर्ताओं में जोश है। ये जो हमने मंच पर संस्कार और संस्कृति दिखाया, जो मोदी जी ने हमें सिखाया है, यह दोनों हमारे लिए मिसाल होगा। आगे चलकर करोड़ों कार्यकर्ता इसी भावना के साथ काम करेंगे।

सवालः पश्चिम बंगाल में टीएमसी बनाम बीजेपी की लड़ाई कैसी होगी?

जवाबः चुनाव में मूल मुद्दा हमारे बांग्ला की संस्कृति है। मोदी जी के नेतृत्व में देश आगे बढ़ रहा है लेकिन पश्चिम बंगाल को पीछे धकेला जा रहा है। यहां अब संस्कार-संस्कृति नहीं है, लोगों में प्रेम-विश्वास नहीं है। जिस घर में झगड़ा है, अशांति है, वह घर कभी आगे नहीं बढ़ सकता। बंगाल को आगे बढ़ाने के लिए मोदी जी के हाथ में बंगाल को देना होगा।

सवालः पश्चिम बंगाल में चुनाव जीतने की स्थिति में बीजेपी कैसा बदलाव लाएगी?

जवाबः प्रदेश में सामाजिक बदलाव की जरूरत है। हम समाज में हैं। जब हमारे समाज में कोई दुखी है, सभी समाज उसका साथ देता है। सुख में सभी खुश होते हैं। फिलहाल, यहां अविश्वास का माहौल है। टीएमसी के शासन में यह और बढ़ा है। हम उन्नयन की बात नहीं करते हैं, जो हमें पीछे धकेलता है। हमारे यहां कोई कमी नहीं है, बस काम की कमी है।

सवालः क्या प्रदेश में बाहरी लोगों के साथ भेदभाव हो रहा है?

जवाबः यही तो बोल रहे हैं। इधर अविश्वास का वातावरण पैदा हो रहा है, जो सबसे खतरनाक है। हम सब भारत मां की संतान हैं, तो कोई क्यों बाहरी है? यह जो (अन्य प्रदेश के लोगों का) अपमान किया है, यह बंगाल की संस्कृति नहीं है।

सवालः बीजेपी कार्यकर्ताओं पर हमले हो रहे हैं। इस पर क्या कहेंगे?

जवाबः यह बहुत खेद की बात है। बंगाल की जनता इसे कभी नहीं सहन करेगी। जनता बंगाल में बदलाव लाएगी।