मनसुख मर्डर केस की जांच अब NIA करेगी, कोर्ट ने ATS को दिया केस हैंडओवर का आदेश

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थाणे
मनसुख हत्या मामले () की जांच अब तक एनआईए और एटीएस दोनों ही जांच एजेंसियों द्वारा की जा रही थी। हालांकि अब ठाणे सत्र न्यायालय ने इस मामले की जांच एनआईए को सौंपने का आदेश महाराष्ट्र एटीएस को दिया है। कुछ दिनों पहले केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा इस मामले की जांच को भी एनआईए द्वारा किए जाने का आदेश दिया गया था।

आपको बता दें कि मनसुख हत्या मामले में एटीएस ने दो लोगों को कुछ दिन पहले गिरफ्तार भी किया था। जिसमें एक बड़ा बुकी था और दूसरा लखन भैया फर्जी एनकाउंटर मामले में अदालत द्वारा दोषी करार दिया गया पुलिसकर्मी शिंदे था। मंगलवार को एटीएस के प्रमुख जयजीत सिंह ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस लेकर कहा था कि वह अदालत में सचिन वझे की कस्टडी की मांग करेंगे। हालांकि अब उनकी यह मांग पूरी नहीं हो पाएगी। क्योंकि यह मामला अब एटीएस की जगह एनआईए के पास जा चुका है।

वझे के कोडवर्ड
वझे की इस डायरी में जिन कोडवर्ड्स का इस्तेमाल किया गया है। उसमें लाख रुपये के लिए L और हज़ार रुपये के लिए K का इस्तेमाल किया जाता था।

डायरी में दर्ज रेट कार्ड
नई सूत्रों की माने तो इस डायरी में सभी लोगों से लिए जाने वाले पैसों का रेट कार्ड भी लिखा गया है। मुझे अपने खास गुर्गों के जरिए वसूली का यह धंधा चलाते थे। फिलहाल एनआईए सचिन वझे से विस्फोटक मामले की छानबीन में जुटी हुई है। फिलहाल सचिन वझे पर अब (NIA) एनआईए और एटीएस के अलावा प्रवर्तन निदेशालय की भी नज़र है।

वझे ने अपनी डायरी में सब कुछ कोडवर्ड में लिखा हुआ है ताकि आसानी से किसी को भी यह समझ में ना आ सके। सूत्रों की मानें तो इस डायरी में कहां से कितने पैसे आते थे और किस विभाग कितने पैसे दिए जाते थे। यह तमाम बातें दर्ज हैं।

वझे मुंबई शहर के पब, हुक्का पार्लर, रेस्टोरेंट, डांसबार, मटके के धंदे से कितना पैसा लेता था। इसकी डिटेल डायरी में मौजूद है। यह जानकारी फिलहाल जनवरी महीने से लेकर अभी तक की है। बता दें कि मुंबई पुलिस के पूर्व कमिश्नर परमबीर सिंह ने भी ऐसे ही आरोप राज्य के गृह मंत्री अनिल देशमुख के ऊपर लगाए थे।