उद्धव ठाकरे बताएं कि सचिन वाजे की नियुक्ति में शरद पवार की क्या थी भूमिका : रविशंकर प्रसाद

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पटना।
मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमवीर सिंह ने महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख पर सनसनीखेज आरोप लगाए। जिसके बाद बीजेपी ने अनिल देशमुख को बर्खास्त करने की मांग के साथ उद्धव ठाकरे से भी इस्तीफे की मांग की है। गौरतलब है कि मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमवीर सिंह ने महाराष्ट्र के गृह मंत्री पर यह आरोप लगाया है कि उन्होंने क्राइम इंटेलिजेंस यूनिट की जिम्मेदारी संभालने वाले सचिन वाजे से सिर्फ मुंबई से ही सौ करोड़ रुपए हर महीने वसूली करने का निर्देश दिया था।

सचिन वाजे को लेकर किस प्रकार का दबाव उद्धव ठाकरे पर था : केंद्रीय कानून मंत्री
देश के कद्दावर नेता और केंद्र सरकार के कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री से पूछा है कि उद्धव ठाकरे सबसे पहले यह बताएं कि जब सचिन वाजे सस्पेंडेड था तो किसके दबाव में उसकी नियुक्ति की गई। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को बताना चाहिए कि क्या यह शिवसेना का दबाव था या मुख्यमंत्री का दबाव था या फिर शरद पवार का दबाव था। क्योंकि सचिन वाजे 2008 से ही शिवसेना का सदस्य था और महाराष्ट्र सरकार का गृह मंत्री उसे सौ करोड़ रुपए वसूली करने का निर्देश दे रहा था। ऐसे में किस प्रकार का दबाव उद्धव ठाकरे पर था इसका जवाब उन्हें देना चाहिए।

सचिन वाजे की नियुक्ति में शरद पवार की क्या भूमिका थी
केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री से दूसरे सवाल के तौर पर यह पूछा है कि उद्धव ठाकरे को बताना चाहिए कि सचिन वाजे की नियुक्ति में शरद पवार की क्या भूमिका थी। रविशंकर प्रसाद ने कहा कि क्योंकि मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमवीर सिंह ने कहा है कि मैं शरद पवार को भी ब्रीफ किया करता था। रविशंकर प्रसाद ने यह भी कहा कि क्योंकि उगाही करना एक अपराध है इसलिए उद्धव ठाकरे बताएं कि परमवीर सिंह किस कैपेसिटी में शरद पवार को ब्रीफ कर रहे थे इसके पीछे क्या वजह थी।

सचिन वाजे को सरकार के द्वारा डिफेंड क्यों किया जा रहा है
केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री से और महाराष्ट्र सरकार से इस बात का भी जवाब मांगा है कि मुंबई के पूर्व कमिश्नर द्वारा उद्धव ठाकरे को भी ब्रीफ किया जाता था। इसके बाद भी इस मामले में मुख्यमंत्री की खामोशी और महाराष्ट्र विधानसभा के अंदर और बाहर सचिन वाजे को सरकार के द्वारा डिफेंड करना मामले को और भी गंभीर बनाता है। इसका जवाब महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री को देना चाहिए। क्योंकि एक राज्य का मुख्यमंत्री सचिन वाजे जैसे असिस्टेंट पुलिस कमिश्नर को डिफेंड करता है और उसी सरकार का गृह मंत्री उसी से को मुंबई से हर महीने 100 करोड़ रुपए वसूली करने का निर्देश भी देता है।

महाराष्ट्र सरकार और कितने गंदे काम करा चुकी है असिस्टेंट पुलिस कमिश्नर से
रविशंकर प्रसाद ने यह भी सवाल उठाया कि मुख्यमंत्री को बताना चाहिए कि महाराष्ट्र सरकार ने सचिन बाजे से 100 करोड़ रुपए उगाही हर महीने कराने का निर्देश देने के अलावा उनसे और कितने गंदे काम करा चुकी है। रविशंकर प्रसाद ने कहा कि बीजेपी या जानना चाहती है कि महाराष्ट्र सरकार ने सचिन वाजे जैसे असिस्टेंट पुलिस कमिश्नर का किस गलत कार्यों के लिए उपयोग किया है।

सिर्फ मुंबई से सौ करोड़ वसूली करना था तो पूरे महाराष्ट्र से कितनी वसूली होनी थी
केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने यह भी सवाल उठाया कि जब एक मंत्री का टारगेट सिर्फ मुंबई से ही सौ करोड़ रुपए वसूली कराना था तो पूरे महाराष्ट्र से वसूली कराने की रकम क्या तय की गई थी। रविशंकर प्रसाद ने उद्धव ठाकरे से यह भी पूछा कि क्या सिर्फ महाराष्ट्र के गृह मंत्री द्वारा ही वसूली कराया जा रहा था या राज्य के अन्य मंत्रियों द्वारा भी यह खेल खेला जा रहा है।

उद्धव ठाकरे बेदाग हैं तो खुद करें सीबीआई जांच की अनुशंसा
केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि बीजेपी की मांग है कि इस पूरे मामले की जांच गंभीरता इमानदारी और पारदर्शी तरीके से होनी चाहिए। इसके अलावा इसकी जांच किसी बाहरी एजेंसी से कराने की जरूरत है क्योंकि इसमें शरद पवार की भूमिका भी आएगी पुलिस कमिश्नर की भूमिका के साथ महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख की भूमिका की भी जांच होगी और वहां के मुख्यमंत्री से भी कई सवालों का समाधान ढूंढा जाएगा। रविशंकर प्रसाद ने यह भी कहा कि वर्तमान में एनआईए की टीम महाराष्ट्र में जांच कर रही है। जहां तक इस मामले में सीबीआई जांच की बात है तो इसके लिए महाराष्ट्र सरकार की सहमति की जरूरत है। केंद्रीय कानून मंत्री ने कहा कि अगर उद्धव ठाकरे इस मामले का दूध का दूध और पानी का पानी कराना चाहते हैं तो उन्हें खुद ही सीबीआई जांच की अनुशंसा कर देनी चाहिए।

सिर्फ कुर्सी के लिए उद्धव ठाकरे ने पिता बाला साहब ठाकरे के गरिमा को पहुंचायी ठेस
रविशंकर प्रसाद ने उद्धव ठाकरे से यह भी कहा कि आप बाला साहब ठाकरे के पुत्र हैं जिन्होंने जय महाराष्ट्र कहा था। रविशंकर प्रसाद ने कहा कि मैं बाला साहब ठाकरे की बहुत इज्जत करता हूं। लेकिन बाला साहब ठाकरे के बेटे उद्धव ठाकरे ने सिर्फ कुर्सी के लिए बेईमानी की सरकार बनाई और अपने पिता बाला साहब ठाकरे के गरिमा को चोट पहुंचाने का काम किया। रविशंकर प्रसाद ने यह भी कहा कि यह महाराष्ट्र सरकार में लूट की पराकाष्ठा है इसे ऑपरेशन लूट भी कहा जा सकता है। इसमें सरकारी तंत्र का दुरुपयोग कर जनता के पैसे को लूटने का काम किया गया। रविशंकर प्रसाद ने कहा कि मामले की सही जांच नही हुई तो बीजेपी कार्यकर्ता सड़क पर उतरने का काम करेंगे।