RSS की बड़ी मीटिंग आज, संगठन में होने वाला है बड़ा बदलाव!

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नागपुर/बेंगलुरु
() में दूसरे सबसे महत्वपूर्ण पद सरकार्यवाह के लिए आज चुनाव होना है। बेंगलुरु में होने वाली अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा (ABPS) की बैठक में संभावना इस बात की भी जताई जा रही है कि अपने पद से हट सकते हैं। उनकी जगह के चुने जाने की चर्चाएं भी तेज हैं।

आरएसएस के सरकार्यवाह का कार्यकाल तीन साल का होता है। भैयाजी जोशी पिछले चार बार से इस पद पर चुने जाते रहे हैं। शनिवार को निर्णय हो जाएगा कि वह पांचवीं बार चुने जाएंगे या फिर कोई नया चेहरा सामने आएगा। अटकलें लगाई जा रही हैं कि यदि जोशी अगला कार्यकाल नहीं चाहेंगे तो चुनाव में सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले को चुना जा सकता है। वह कर्नाटक के शिमोगा से हैं।

सरसंघचालक के बाद दूसरा महत्वपूर्ण पद
दरअसल, आरएसएस में सबसे महत्वपूर्ण पद सरसंघचालक का होता है। वर्तमान में इस पद पर आसीन हैं। संगठन के अंतिम निर्णय सरसंघचालक ही करता है लेकिन यह एक तरीके से मार्गदर्शक का पद होता है। सरसंघचालक अपना उत्तराधिकारी स्वयं चुनता है। संगठन के नियमित कार्यों के संचालन की जिम्मेदारी सरकार्यवाह की होती है। इसे महासचिव के तौर पर भी समझा जा सकता है।

संघ को जानने में समाज की उत्सुकता बढ़ी है
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह-सरकार्यवाह मनमोहन वैद्य ने कहा कि संघ को जानने में समाज की उत्सुकता बढ़ी है। उन्होंने संघ में निर्णय लेने वाली सर्वोच्च इकाई अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की यहां दो दिवसीय सालाना बैठक शुरू होने के अवसर पर यह बात कही। इसमें शनिवार को सरकार्यवाह का चुनाव भी होना है। वैद्य ने कहा कि कोरोना वायरस महामारी के दौरान सेवा और राम मंदिर अभियान ने भारतीय समाज की जीवटता और सांस्कृतिक एकता को प्रदर्शित किया है।

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वैद्य ने कहा कि संघ से जुड़ना चाह रहे लोगों की संख्या बढ़ रही है। इस मौके पर संघ के सर संघचालक मोहन भागवत और इसके मौजूदा सर कार्यवाह सुरेश भैयाजी जोशी भी उपस्थित थे। बैठक में करीब 450 प्रतिनिधि शामिल हुए हैं। इसमें शनिवार को सरकार्यवाह का चुनाव भी होना है।