सचिन वझे का खेल होगा खत्म… सहयोगी अधिकारी रियाज़ काजी बन सकते हैं अप्रूवर

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मुंबई
एनआईए के अधिकारियों को पूछताछ के दौरान सहयोग न करने वाले एपीआई सचिन वझे (Sachin Waze) का खेल अब खत्म होता हुआ नजर आ रहा है। सूत्रों के मुताबिक सीआईयू में वझे के सहयोगी रहे एपीआई रियाज़ काजी ने अप्रूवर बनने के संकेत दिए हैं।

रियाज़ काजी सीआईयू में सचिन वझे के काफी करीबी माने जाते थे। इसके अलावा वे एंटीलिया विस्फोटक मामले और मनसुख हिरेन हत्या मामले में की जांच में सहयोगी अधिकारी भी थे। उसके अलावा सचिन वझे के कहने पर रियाज काजी ने ही गाड़ियों की नंबर प्लेट भी तैयार करवा कर लाई थी। इतना ही नहीं वझे के ठाणे साकेत सोसाइटी के घर के बाहर मौजूद सीसीटीवी फुटेज को भी रियाज काजी ने अपने पास लिया था। इसलिए रियाज काजी को अंबानी के घर के पास विस्फोटक रखने से लेकर मनसुख की हत्या तक का घटनाक्रम पता है। लिहाजा उनके अप्रूवर बनने से वझे का खेल खत्म हो जाएगा।

रियाज़ से एनआईए की पूछताछ
सचिन वझे को गिरफ्तार करने के बाद एनआईए ने तुरंत रियाज काजी से भी पूछताछ शुरू की थी। रियाज को लगातार तीन दिन तक पूछताछ के लिए बुलाया गया था। इन तीनों ही दिनों में तकरीबन 10-10 घंटे की पूछताछ रियाज काजी से हुई थी। हालांकि गुरुवार के दिन उन्हें पूछताछ के लिए नहीं बुलाया गया था। अब तक की पूछताछ में रियाज काजी ने अपना बयान दर्ज करवाया है जिसमें उन्होंने कहा है कि सचिन वझे के कहने पर उन्होंने सारी घटनाओं को अंजाम दिया है।

खाड़ी में फेंके जाने तक जिंदा थे मनसुख?
मनसुख हिरेन हत्या मामले (Mansukh Hiren Murder Case) की जांच कर रही एटीएस को इस बात का शक है कि मुंब्रा की खाड़ी में फेंके जाने के पहले तक वे जिंदा थे। आपको बता दें कि मनसुख हीरेन की स्कॉर्पियो में विस्फोटक भरकर उसे देश के प्रसिद्ध उद्योगपति मुकेश अंबानी के घर के पास खड़ा किया गया था। इस मामले के कुछ दिन बाद उनकी लाश मुंबई से सटे मुंब्रा इलाके की खाड़ी में पाई गई थी। इस मामले में उनकी पत्नी ने सचिन वझे पर हत्या का आरोप लगाया था।

ऑडी की तलाश में एनआईए
वहीं अंबानी धमकी मामले की जांच कर रही एनआईए (NIA) अब उस ऑडी कार की तलाश में है, जिसमें वझे बैठकर पुलिस हेड क्वार्टर आए थे और तीन बैग भरकर डाक्यूमेंट्स और अन्य सामान लेकर गए थे। मंगलवार को वझे की मर्सिडीज़ को एनआईए ने सीज़ किया था। जिसमे से पांच लाख सत्तर हज़ार रूपये नकद और नोट गिनने वाली मशीन मिली थी।