बंगाल में ममता की वापसी के लिए यशवंत ने संभाली कमान, बेटे जयंत बोले- खिलेगा तो कमल ही

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रवि सिन्हा, रांची
पूर्व केंद्रीय मंत्री और हजारीबाग संसदीय क्षेत्र का कई बार प्रतिनिधित्व कर चुके यशवंत सिन्हा ने शनिवार को कोलकाता में आयोजित एक समारोह में तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गये। पिछले कई वर्षों से बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व से नाराज चल रहे यशवंत सिन्हा पश्चिम बंगाल में टीएमसी की सत्ता में वापसी के लिए चलाये जा रहे अभियान में शामिल हो गये हैं।

वहीं उनके पुत्र और भाजपा सांसद जयंत सिन्हा ने उम्मीद जतायी है कि पश्चिम बंगाल में इस बार भाजपा की सरकार बनेगी। हजारीबाग में शनिवार को पत्रकारों से बातचीत में जयंत सिन्हा ने कहा कि इस बार पश्चिम बंगाल में राजनीतिक परिवर्तन होगा और वहां बीजेपी की सरकार बनने जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में महंगाई मुद्दा नहीं है। हालांकि उन्होंने ममता बनर्जी के घायल होने पर दुःख जाहिर किया और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।

दलीय राजनीति से संन्यास लेने की घोषणा की थी
बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व से नाराज चल रहे यशवंत सिन्हा ने वर्ष 2018 में भाजपा के साथ अपने सभी संबंधों को समाप्त करने और किसी भी तरह की पार्टी पॉलिटिक्स से संन्यास लेने की घोषणा की थी। हालांकि उस वक्त भी यशवंत सिन्हा ने कहा था कि आज लोकतंत्र खतरे में है, वे राजनीति से संन्यास ले रहे है, लेकिन आज भी दिल देश के लिए धड़कता है। इसके बाद से यशवंत सिन्हा लगातार केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ बयान देते रहे हैं और अलग-अलग सामाजिक संगठनों के साथ मिलकर विरोध दर्ज कराते रहे हैं।

‘सभी संस्‍थाओं को कमजोर कर रही केंद्र सरकार’
टीएमसी में शामिल होने के बाद यशवंत सिन्हा ने कहा, “देश अजीब परिस्थिति से गुजर रहा है, हमारे मूल्य और सिद्धांत खतरे में हैं।” उन्होंने कहा, “लोकतंत्र की मजबूती संस्थाओं में निहित है और सभी संस्थाओं को व्यवस्थागत तरीके से कमजोर किया जा रहा है।” सिन्हा ने भाजपा के खिलाफ लड़ाई में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का समर्थन करने की शपथ ली।