राहुल बोले- मैला ढोने रोधी कानून लागू करने में विफल रही सरकार, जानें क्या कहते हैं आंकड़े

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नई दिल्ली
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने सीवर टैंक की सफाई के दौरान सफाईकर्मियों की मौत से जुड़ा आंकड़ा राज्यसभा में सरकार की ओर से पेश किए जाने के बाद बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि केंद्र सरकार 2013 में बने मैला ढोने रोधी कानून का क्रियान्वयन करने में बुरी तरह विफल रही। उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘ यह दिखाता है कि सरकार मैला ढोने विरोधी कानून-2013 को लागू करने में बुरी तरह विफल रही।’’

हमारी सामूहिक राष्ट्रीय अंतरात्मा का अब आगे अपमान नहीं हो
कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘यह सुनिश्चित करने के लिए अतिसक्रिय कदम उठाने की जरूरत है कि हमारे नागरिकों और हमारी सामूहिक राष्ट्रीय अंतरात्मा का अब आगे अपमान नहीं हो।’’ सरकार ने बुधवार को बताया कि 2015 से 2019 के बीच देश में सीवर टैंक की हाथ से सफाई करने के दौरान 389 लोगों की मौत हो गयी। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास आठवले ने एक प्रश्न के लिखित उत्तर में राज्यसभा को यह जानकारी दी।

266 लोगों के खिलाफ दर्ज कराया गया केस
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि सीवर और सेप्टिक टैंक की खतरनाक ढंग से सफाई करने के कारण हुई इन मौतों को लेकर 266 लोगों के विरूद्ध प्राथमिकी दर्ज करायी गयी है। उन्होंने कहा कि 2015 से 2019 के दौरान सीवरों की हाथ से सफाई करने के दौरान 389 लोगों की जान गयी। एक अन्य प्रश्न के उत्तर में उन्होंने बताया कि पिछले तीन साल में सीवर और सैप्टिक टैंक साफ करते हुए 210 लोगों की जान गयी।

165 मामलों में मृतक के परिजनों को दिया गया मुआवजा
राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों ने 165 मामलों में मृतकों के निकट परिजनों को मुआवजा दिया। केंद्रीय मंत्री ने सदन में बताया कि देश के 17 राज्यों में हाथ से मैला ढोने वाले 66,692 लोगों की पहचान की गयी है।

किसानों के मुद्दे पर नहीं चली संसद की कार्यवाही
राज्यसभा में बुधवार को कांग्रेस के नेतृत्व में विपक्षी सदस्यों ने किसानों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर तत्काल चर्चा कराने की मांग करते हुए हंगामा किया जिसके कारण शून्यकाल और प्रश्नकाल में कार्यवाही बाधित हुयी और सदन की बैठक दो बार के स्थगन के बाद अंतत: पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गयी।