देश के 7500वें जन औषधि केंद्र का उद्घाटन कर बोले पीएम- मोदी की दुकान से खरीदें सस्‍ती दवा

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नई दिल्‍ली
प्रधानमंत्री ने रविवार को शिलॉन्ग के पूर्वोत्तर इंदिरा गांधी क्षेत्रीय स्वास्थ्य एवं चिकित्सा संस्थान (NEIGRIHMS) में 7,500 जन औषधि केंद्र राष्ट्र को समर्पित किए। मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये यह नया केंद्र राष्ट्र को समर्पित किया। इस केंद्र पर गुणवत्ता वाली दवाइयां उचित मूल्य पर उपलब्ध होती हैं। इसके अलावा प्रधानमंत्री ने इस दौरान देश के विभिन्न हिस्सों के लोगों के साथ बातचीत भी की। इस मौके पर एक लाभार्थी से बात करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, “दवाइयां महंगी होती हैं इसीलिए तो हम गरीबों के लिए पीएम लाए जिससे उनका पैसा बचता है। मैं अपील करूंगा कि लोग ‘मोदी की दुकान’ से, लोग इसे यही कहते हैं, सस्‍ते में दवाइयां खरीदें।”

प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना का उद्देश्य सस्ते दाम पर अच्छी दवाइयां उपलब्ध कराना है। वर्ष 2014 में इन केंद्रों की संख्या 86 थी। इस योजना के तहत आज इन स्टोर की संख्या 7,500 पर पहुंच गई है। देश के सभी जिलों में इस तरह के स्टोर हैं। वित्त वर्ष 2020-21 में चार मार्च तक इन केंद्रों द्वारा दवाओं की बिक्री से नागरिकों को करीब 3,600 करोड़ रुपये की बचत हुई है। इन केंद्रों पर दवाएं बाजार मूल्य से 50 से 90 प्रतिशत सस्ती मिलती हैं। ‘जन औषधि’ के बारे में जागरूकता के प्रसार के लिए एक से सात मार्च तक देशभर में ‘जन औषधि’ सप्ताह मनाया जा रहा है। इसका विषय ‘जन औषधि-सेवा भी, रोजगार भी’ रखा गया है।

‘इलाज में भेदभाव को खत्‍म करने की कोशिश हुई’प्रधानमंत्री ने कहा, “इस योजना से पहाड़ी क्षेत्रों में, नॉर्थईस्ट में, जनजातीय क्षेत्रों में रहने वाले देशवासियों तक सस्ती दवा देने में मदद मिल रही है। आज जब 7500वे केंद्र का लोकार्पण किया गया है तो वो शिलॉन्ग में हुआ है। इससे स्पष्ट है कि नॉर्थईस्ट में जनऔषधि केंद्रों का कितना विस्तार हो रहा है।” उन्‍होंने कहा, “बीते वर्षों में इलाज में आने वाले हर तरह के भेदभाव को समाप्त करने का प्रयास किया गया है, इलाज को हर गरीब तक पहुंचाया गया है। ज़रूरी दवाओं को, हार्ट स्टेंट्स को, नी सर्जरी से जुड़े उपकरणों की कीमत को कई गुना कम कर दिया गया है।”