इस बैंक में जमा होती है राम नाम की पूंजी, मिलती है लोन की सुविधा, देश ही नहीं विदेशों में भी हैं खाता धारक

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प्रयागराज
संगम की रेती पर लगे में दुनिया का सबसे बड़ा और अनोखा बैंक खुला है, जिसका लाभ लोक के साथ परलोक में भी मिलता है। प्रयागराज के संगम पर चल रहे निःशुल्क बैंक में राम नाम की अनमोल पूंजी जमा की जाती है। का खाता ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीके से खोला जाता है। इस बैंक में अब तक लाखों लोग अपना खाता खुलवा चुके हैं।

आपको बता दें राम राम बैंक में खाता खुलवाने वालों की तादाद लगातार बढ़ती जा रही है। यही नहीं इस बैंक में हर साल माघ मेला में ज्यादा राम नाम लिखने वालों को सम्मानित भी किया जाता है।

राम नाम बैंक में खाता खोलने के नियम
माघ मेला सेक्टर एक अक्षय वट मार्ग पर खुले राम नाम बैंक में खाता ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीके से खोला जाता है। खाता खोलने के लिए पहले 30 पेज की खाताधारक को कॉपी दी जाती है। जिसमें रेड पेन से राम नाम लिखना अनिवार्य होता है। एक पेज पर 108 बार 9 के क्रम में राम नाम लिखना पड़ता है। राम नाम लिखने वाले को (ताम्रभोज) यानी लहसुन, कच्चा प्याज, मीट, मछली का सेवन नहीं करना है। इसके अलावा राम नाम बैंक में खाता खुलवाने वाले को झूठ नहीं बोलना होता है। राम नाम बैंक के प्रबंधक ज्योतिषाचार्य आशुतोष वार्ष्णेय कहते हैं कि बैंक का मेन ब्रांच प्रयागराज सिविल लाइंस में है और इसका शिविर कार्यालय हर साल माघ मेला क्षेत्र में खोला जाता है। जिसमें अब तक लाखों लोग अपना निशुल्क खाता खुलवा चुके हैं। बैंक के खाता धारक देश ही नहीं, विदेशों में भी हैं।

मनोकामना पूरी होने के लिए श्रद्धालु लेते हैं राम नाम का ऋण
राम नाम बैंक में और बैंकों की तरह ऋण देने की भी सुविधा उपलब्ध है। ऋण लेने गए व्यक्ति को बैंक मनोकामना के हिसाब से राम नाम लिखा हुआ कॉपी लाल कपड़े में लपेट कर देते हैं उसके साथ सादी कॉपी भी दी जाती है, ताकि ऋण लेने वाला व्यक्ति वह घर पर जाकर पूजा पाठ करके रोज राम नाम का जप करें और जब मनोकामना पूरी हो जाए तो स्वयं हस्तलिखित राम नाम लिखी कॉपी बैंक को वापस कर दे। आपको बता दें राम नाम बैंक खाता खोलने वालों को इसका लाभ भी मिला है। लाभ पाने वालों में रंजना सिंह,उपमा अग्रवाल ,पंडित राजकुमार तिवारी शामिल है। इन सबका कहना है उनके जीवन में निराशा थी लेकिन राम नाम बैंक में खाता खोलने से काफी लाभ हुआ और कष्ट दूर हुआ।