SC का केंद्र से सवाल, UPSC में एक और मौके के साथ उम्र में भी छूट क्यों न दी जाए ?

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नई दिल्ली
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से कहा है कि वह बताए कि कोविड जैसी अति विशेष परिस्थितियों को देखते हुए क्यों न यूपीएससी में आखिरी अटेंप्ट देने वालों को अधिकतम उम्र में छूट दी जानी चाहिए। सुप्रीम कोर्ट में पिछली सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने कहा था कि वह आखिरी अटेप्ट देने वाले स्टूडेंट को एक और मौका देने को तैयार है।

केंद्र सरकार उम्र में छूट के लिए तैयार नहींसुप्रीम कोर्ट के जस्टिस एएम खानविलकर की अगुवाई वाली बेंच ने केंद्र सरकार की ओर से पेश होने वाले अडिशनल सॉलिसिटर जनरल से पूछा कि पहले भी एक एक्स्ट्रा चांस दिया जा चुका है और उम्र में भी छूट दी जा चुकी है। गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने एक और मौका देने की बात कही है लेकिन अधिकतम उम्र में छूट देने को तैयार नहीं है।

केंद्र सरकार से किया सवालसुप्रीम कोर्ट ने सवाल किया कि आखिर अटेप्ट देने वालों को एक और मौका देने के साथ-साथ इस बार भी उम्र में भी छूट क्यों न दी जाए। अदालत ने कहा कि ये अति विशेष स्थिति है और हमें आशा है कि आप इस मसले पर कठोर रवैया नहीं अपनाएंगे। सुप्रीम कोर्ट में याचिकाकर्ताओं की ओर से दलील दी गई है कि आखिरी अटेप्ट देने वालों को एक और मौका देने का फायदा तभी होगा जब उम्र में भी छूट दी जाएगी। सुप्रीम कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए मंगलवार की तारीख तय कर दी है।

केंद्र एक और मौका देने पर सहमतपांच फरवरी को केंद्र सरकार ने यूपीएससी एग्जाम में लास्ट अटेंप्ट देने वाले स्टूडेंट को एक और मौका देने पर केंद्र सरकार रजामंद हो गया था। इससे पिछली सुनवाई में केंद्र सरकार ने कहा था कि वह यूपीएससी में आखिरी अटेप्ट देने वालों को एक और मौका देने के पक्ष में नहीं है लेकिन इसके बाद शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में केंद्र सरकार ने एक तरह से यू टर्न लिया था और आखिरी अटेप्ट देने वाले स्टूडेंट को एक और मौका देने पर सहमत हो गया था लेकिन शर्त लगाई थी कि उनकी उम्र बची होनी चाहिए और उम्र में छूट नहीं दी जाएगी।