किसान आंदोलन: रिहाना को राहुल गांधी का जवाब- यह हमारा आंतरिक मामला

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नई दिल्ली
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को मोदी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि सरकार का काम किसानों को डराना, धमकाना, मारना नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार को तत्काल किसानों से बात करनी चाहिए, कृषि कानूनों को वापस लेना चाहिए क्योंकिrihan किसान पीछे हटने वाले नहीं हैं। पॉप स्टार रिहाना और कुछ अन्य सिलेब्रिटीज के में समर्थन पर राहुल ने कहा कि यह हमारा आंतरिक मामला है।

रिहाना के कॉमेंट पर बोले- यह हमारा आंतरिक मामला
राहुल गांधी ने कहा कि कोरोना काल में किसानों ने देश को बचाया, वे हमारी रीढ़ की हड्डी हैं लेकिन सरकार उन्हें भी बर्बाद करना चाहती है। कुछ हॉलिवुड सेलिब्रिटीज के किसान आंदोलन के समर्थन में ट्वीट पर राहुल गांधी ने कहा कि यह हमारा आंतरिक मामला है, कौन क्या कहता है उसमें उनकी कोई रुचि नहीं है।

‘किलाबंदी क्यों कर रही सरकार, क्या दुश्मन हैं किसान?’
राहुल गांधी ने बुधवार दोपहर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर किसान आंदोलन के मुद्दे पर सरकार की मंशा पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, ‘सरकार किलाबंदी क्यों कर रही है, क्या ये किसानों से डरते हैं? क्या किसान दुश्मन हैं? मैंने कहा है कि किसान हिंदुस्तान की स्ट्रेंथ हैं, इनको डराना, धमकाना, मारना सरकार का काम नहीं है।’

‘कानूनों को 2 साल टालने का क्या मतलब, वापस लेना ही होगा’
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने कहा कि सरकार का काम बात कर समस्या का हल करना है। कानूनों को दो साल के लिए टालने का क्या मतलब है। उन्होंने पूछा कि दिल्ली को किले में क्यों तब्दील किया गया है, सरकार किसानों से बात क्यों नहीं कर रही है, यह समस्या हमारे देश के लिए ठीक नहीं है।

‘पीछे नहीं हटने वाले हैं किसान’
राहुल गांधी ने कहा, ‘जल्द से जल्द समस्या को हल करने की जरूरत है, मैं किसानों को अच्छी तरह से जानता हूं कि वे पीछे नहीं हटेंगे, अंत में सरकार को पीछे हटना ही पड़ेगा, फायदा है कि आज ही हट जाएं।’

‘सर्दी में सेना लद्दाख में खड़ी है आप उनको पैसा नहीं दे रहे, ये कैसा राष्ट्रवाद?’
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने रक्षा बजट को लेकर भी सकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा, ‘सर्दी में लद्दाख में हमारी सेना खड़ी है और आप उनको पैसा नहीं दे रहे हैं, ये कौन सी देशभक्ति है, राष्ट्रवाद है।’