किसान आंदोलन पर ग्रेटा के बयान से नाराज सरकार, कहा- थोड़ा सा ज्ञान बढ़ा लें

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नई दिल्ली
किसान आंदोलन को लेकर इंटरनेशनल पॉप स्टार रिहाना, युवा एक्टिविस्ट ग्रेटा थनबर्ग के ट्वीट पर विदेश मंत्रालय ने कड़ा ऐतराज जताया है। मंत्रालय ने परोक्ष रूप से कहा है कि किसान आंदोलन को लेकर किसी भी तरह की टिप्पणी या ट्वीट करने से पहले मामले की सही जानकारी हासिल करना जरूरी है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव की तरफ से किए गए ट्वीट में कहा गया कि हम आग्रह करेंगे कि ऐसे मामलों पर कमेंट्स करने से पहले फैक्ट्स का पता लगाया जाए और इस बारे में बेहतर समझ रखें। इस बारे में मशहूर हस्तियों और अन्य लोगों की तरफ से सोशल मीडिया हैशटैग और जो भी कमेंट्स किए जा रहे हैं वह ना तो उचित है और न ही जिम्मेदाराना है।

संसद में पूरी चर्चा के बाद पारित हुए हैं कानून
विदेश मंत्रालय की तरफ से किए गए गए ट्वीट में कहा गया कि भारत की संसद ने पूरी चर्चा के बाद कृषि क्षेत्र में सुधार के मकसद से कानूनों को पारित किया है। ये सुधार किसानों को बाजार की व्यापक पहुंच उपलब्ध कराने वाले हैं। इससे किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। सुधार से जुड़े इन कानूनों को लेकर किसानों के बहुत छोटे धड़े में असंतोष है।

अब तक 11 राउंड की हो चुकी है बातचीत
विदेश मंत्रालय के ट्वीट में कहा गया है कि प्रदर्शनकारियों की भावनाओं का सम्मान करते हुए सरकार की तरफ से उनके प्रतिनिधियों से लगातार बातचीत की जा रही है। केंद्रीय मंत्रियों की तरफ से अब तक 11 दौर की बातचीत हो चुकी है। सरकार की तरफ से इन कानूनों को होल्ड करने का विकल्प भी दिया गया है।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में किसान आंदोलन
इंटरनेशनल पॉप स्टार रिहाना, युवा एक्टिविस्ट ग्रेटा थनबर्ग ने कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन कर रहे किसानों का समर्थन किया था। रिहाना ने धरना स्थल पर इंटरनेट बंद किए जाने की आलोचना की थी। स्वीडिश क्लाइमेट चेंज एक्टिविस्ट ग्रेटा थनबर्ग ने भी ट्वीट कर किसानों के समर्थन में एकजुटता दिखाई। थनबर्ग ने लिखा कि हम भारत में चल रहे किसान आंदोलन के साथ एकजुटता से खड़े हैं।