Myanmar में तख्तापलट के बाद भारत ले रहा पल-पल का अपडेट, जारी की एडवाइजरी

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नई दिल्ली
पड़ोसी देश म्यांमार में सैन्य तख्तापलट के बाद हालात काफी तनावपूर्ण बने हुए हैं। सेना ने सोमवार को देश की शीर्ष नेता आंग सान सू ची और उनकी पार्टी के अन्य नेताओं को गिरफ्तार कर लिया। इस समय देश के शीर्ष सैन्य कमांडर सीनियर जनरल मिन आंग लाइंग के हाथ में सत्ता आ गई है। म्यांमार में बदलते घटनाक्रमों पर भारत, अमेरिका समेत पूरी दुनिया की नजर है।

इस बीच, यांगून स्थित भारतीय दूतावास ने म्यांमार में सैन्य तख्तापलट एवं इसके बाद हुए राजनीतिक घटनाक्रम के मद्देनजर एक एडवाइजरी जारी की है। भारत सरकार की ओर से वहां रह रहे सभी भारतीय नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे आवश्यक सावधानी बरतें और अनावश्यक यात्रा से बचें। दूतावास ने ‘म्यामां में हालिया राजनीतिक घटनाक्रम के संबंध में म्यांमार में रह रहे भारतीय नागरिकों के लिए संदेश’ शीर्षक से एडवाइजरी में कहा, ‘म्यांमार में हालिया घटनाक्रम के मद्देनजर सभी भारतीय नागरिक आवश्यक सावधानियां बरतें और अनावश्यक यात्रा से बचें।’

दूतावास ने कहा, ‘वे (भारतीय नागरिक) आवश्यकता पड़ने पर दूतावास से संपर्क कर सकते हैं।’ इससे पहले, भारत ने म्यांमार में सैन्य तख्तापलट और शीर्ष नेताओं को हिरासत में लिए जाने पर सोमवार को गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा था कि देश में कानून का शासन बना रहना चाहिए और लोकतांत्रिक प्रक्रिया का पालन किया जाना चाहिए।

विदेश मंत्रालय ने म्यांमार के घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि भारत म्यांमार में हालात पर पैनी नजर रख रहा है और वह म्यांमार में लोकतांत्रिक तरीके से सत्ता के हस्तांतरण की प्रक्रिया का हमेशा समर्थक रहा है।

म्यांमार में सेना ने सोमवार को तख्तापलट किया और देश की शीर्ष नेता आंग सान सू ची समेत कई नेताओं को हिरासत में ले लिया। भारतीय दूतावास के अनुसार, म्यांमार में करीब 7,000 एनआरआई रह रहे हैं और वहां भारतीय मूल के लोगों की संख्या 15 लाख से 25 लाख के बीच हो सकती है।