राकेश टिकैत से गले मिलकर बोले संजय राउत- कायदे से बात करे सरकार, अहंकार से देश नहीं चलता

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नई दिल्‍ली
गाजीपुर बॉर्डर पर जारी किसान आंदोलन में मंगलवार को शिवसेना नेता संजय राउत भी शरीक हुए। उनके साथ पार्टी के सांसद अरविंद सावंत भी मौजूद थे। दोनों ने यहां आंदोलन की कमान संभाल रहे भारतीय किसान यूनियन (BKU) के नेता राकेश टिकैत से मुलाकात की। कंधे से कंधा मिलाकर खड़े तीनों नेताओं ने मीडिया के सामने एकजुटता दिखाई। दोनों नेता मुंबई से करीब डेढ़ हजार किलोमीटर दूर स्थित गाजीपुर बॉर्डर पर महाराष्‍ट्र के मुख्‍यमंत्री उद्धव ठाकरे का संदेश लेकर आए थे। राउत ने कहा कि वे मुंबई से यहां इसलिए आए हैं क्‍योंकि ‘हमारा कर्तव्‍य बनता है।’ उन्‍होंने कहा कि पूरी शिवसेना ‘राकेश टिकैत के साथ है।’

मुलाकात के बाद संजय राउत ने मीडिया से कहा, “जिस तरह से यहां दहशतवाद हो गया, जिस तरह से हमारे किसानों को, टिकैत साहब को कुचलने की कोशिश की गई तो हमको लगा कि हमारा कर्तव्‍य बनता है, महाराष्‍ट्र के लोगों का, कि उनके साथ खड़े रहें। उनको हमारी संवदेना दें और कहें कि पूरा राज्‍य, पूरी शिवसेना, उद्धव ठाकरे साहब और हम सब उनके साथ हैं। ये कहने के लिए मैं यहां आया हूं। सरकार को किसानों के साथ कायदे से बात करनी चाहिए। अहंकार से देश चलाने में मदद नहीं मिलेगी।”

राउत ने IANS से कहा, “मुझे उद्धव ठाकरे जी ने खास तौर पर भेजा है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री किसानों के समर्थन में हैं। 26 जनवरी के बाद हमने जो माहौल देखा और जिस तरह राकेश टिकैत जी के आंखों में आंसू देखे, उसके बाद हम कैसे रह सकते थे?” उन्‍होंने कहा, “बॉर्डर पर हाल ही में जो कुछ भी हुआ है उससे पूरा देश बीजेपी से नाराज है, वहीं राकेश टिकैत जो तय करेंगे वही हमारी आगे की रणनीति होगी।”

उद्धव के ‘सुझाव’ पर आए राउतराउत ने दिल्‍ली आने से पहले ट्वीट कर कहा था कि वे महाराष्‍ट्र सीएम उद्धव ठाकरे के सुझाव पर गाजीपुर बॉर्डर जा रहे हैं। किसानों का आंदोलन मंगलवार को 67वें दिन में प्रवेश कर गया है। 28-29 जनवरी के बाद तेज हुए आंदोलन को देखते हुए दिल्‍ली पुलिस ने गाजीपुर बॉर्डर समेत सभी धरनास्‍थलों पर सुरक्षा बेहद कड़ी कर दी है। कंटीले तारों के अलावा कंक्रीट की दीवारें खड़ी कर दी गई हैं।

टिकैत से मिलने की नेताओं में लगी होड़किसान नेता राकेश टिकैत से मिलने कई राजनीतिक दलों के नेता पहुंच रहे हैं। टिकैत यहीं लगे पुलिस बैरिकेड्स के पास बैठकर खाना खाते हैं। 31 जनवरी को शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने टिकैत को सम्‍मानित किया था। इससे पहले, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के नेताओं ने भी उनसे मुलाकात की थी। पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के पोते और राष्ट्रीय लोकदल के नेता जयंत चौधरी भी टिकैत से मिल चुके हैं।

उत्तर प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू, दिल्ली कांग्रेस की नेता अलका लांबा और हरियाणा के dकांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा भी टिकैत को समर्थन देने के लिए गाजीपुर की सीमा पर गए। शनिवार को दिल्ली कांग्रेस के प्रमुख अनिल कुमार चौधरी ने भी विरोध स्थल का दौरा किया और कहा कि ‘कांग्रेस किसानों के समर्थन में है।’