मुसलमान डरे हुए हैं… हामिद अंसारी पर भड़की BJP, ‘ध्रुवीकरण की कर रहे हैं कोशिश’

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नई दिल्ली
‘मुस्लिमों में असुरक्षा की भावना’ और ‘सरकार की डिक्शनरी में सेक्युलरिज्म नहीं’ वाले बयानों को लेकर बीजेपी ने पूर्व उपराष्ट्रपति पर निशाना साधा है। बीजेपी के राज्यसभा सांसद राकेश सिन्हा ने रविवार को अंसारी पर निशाना साधते हुए कहा कि वह सांप्रदायिकता के नए एम्बैसडर बन गए हैं। उन्होंने पूर्व उपराष्ट्रपति पर ध्रुवीकरण के प्रयास का आरोप भी लगाया। दरअसल अंसारी ने आरोप लगाया कि आज सरकार की डिक्शनरी में सेक्युलरिज्म शब्द है ही नहीं। हाल ही में ‘मुस्लिमों में असुरक्षा’ वाले अपने चर्चित बयान को लेकर सवाल पूछे जाने पर अंसारी एक इंटरव्यू छोड़कर चले गए थे।

‘ध्रुवीकरण की कोशिश कर रहे हामिद अंसारी’
बीजेपी सांसद ने राकेश सिन्हा ने ट्वीट किया, ‘पूर्व उप राष्ट्रपति हामिद अंसारी साम्प्रदायिकता के नए एम्बैसडर बन गए हैं । वे ध्रुवीकरण कराने का प्रयास कर रहे हैं।’ बीजेपी के साथ-साथ हिंदू संगठनों ने भी अंसारी के बयान को लेकर उनपर निशाना साधा है। विहिप के राष्ट्रीय प्रवक्ता विजय शंकर तिवारी ने उनपर पूर्व उपराष्ट्रपति पर निशाना साधते हुए कहा, ‘जब हामिद अंसारी से पूछा गया कि भारत का मुसलमान क्यों डरा हुआ है,अंसारी नहीं बता पाए और भागते नजर आए।’

हाल ही में एक इंटरव्यू बीच में छोड़ चले गए थे अंसारी
‘जी न्यूज’ पर शनिवार रात प्रसारित इंटरव्यू में अंसारी ने अपनी किताब में लिखी बात को दोहराते हुए कहा था कि आज सरकार की डिक्शनरी में सेक्युलरिज्म शब्द है ही नहीं। यह पूछने पर कि क्या 2014 से पहले सरकार की डिक्शनरी में यह शब्द था, तब उनका जवाब था- हां, लेकिन पर्याप्त नहीं। इसके बाद एंकर ने एक के बाद एक काउंटर सवाल पूछना शुरू किया। इस क्रम में उनके सवालों में हिंदू आतंकवाद से लेकर तुष्टीकरण और ‘मुस्लिमों में असुरक्षा’, मॉब लिंचिंग जुड़ते गए और आखिरकार अंसारी अचानक इंटरव्यू छोड़कर चले गए थे।

‘मुसलमानों में असुरक्षा की भावना’ वाला दिया था बयान
दरअसल उपराष्ट्रपति रहते हुए हामिद अंसारी ने यह बयान दिया था कि देश के मुसलमानों में असुरक्षा की भावना है। बेंगलुरु में नैशनल लॉ स्कूल ऑफ यूनिवर्सिटी के 25वें दीक्षांत समारोह में उन्होंने कहा था कि देश के अल्पसंख्यकों में असुरक्षा की आशंका बढ़ी है। बाद में कार्यकाल खत्म होने से एक दिन पहले राज्यसभा टीवी को दिए इंटरव्यू में भी उन्होंने ये बातें दोहराई थीं। हामिद अंसारी ने अपनी नई किताब ‘बाय मेनी अ हैप्पी एक्सीडेंट: रीकलेक्शन ऑफ अ लाइफ’ में लिखा है कि इन दोनों ही घटनाओं ने कुछ तबकों में नाराजगी पैदा की।