संसद में विपक्ष ने नहीं सुनी PM मोदी की मर्यादा की बात, अभिभाषण का बहिष्कार

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नई दिल्ली
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बजट सत्र की शुरुआत पर शुक्रवार को संसद भवन के बाहर नए सत्र के बारे में जानकारी दी। पीएम मोदी ने कहा कि इस दशक का आज पहला सत्र प्रारंभ हो रहा है, भारत के उज्जवल भविष्य के लिए ये दशक बहुत ही महत्वपूर्ण है। आज़ादी के दिवानों ने जो सपने देखे थे उन्हें सिद्ध करने का स्वर्णिम अवसर अब देश के पास आया है। पीएम मोदी ने कहा कि भारत के इतिहास में साल 2020 में पहली बार हुआ कि हमें अलग-अलग पैकेज के रूप में चार-पांच मिनी बजट देने पड़े। इसलिए मुझे विश्वास है कि ये बजट भी उसी श्रृंखला में देखा जाएगा।

विपक्ष ने नहीं मानी पीएम मोदी की बात
वहीं, विपक्ष ने पीएम मोदी की तरफ से संसदीय मर्यादा की बात नहीं सुनी। विपक्ष ने राष्ट्रपति के अभिभाषण का बहिष्कार किया। इससे पहले पीएम ने कहा कि मुझे विश्वास है कि जिस आशा और अपेक्षा के साथ देश ने हमें संसद में भेजा है, हम संसद के इस पवित्र स्थान का भरपूर उपयोग करते हुए, लोकतंत्र की सभी मर्यादाओं का पालन करते हुए जन आकांक्षाओं की पूर्ति के लिए अपने योगदान में पीछे नहीं रहेंगे।

उत्तम मंथन से निकलेगा उत्तम अमृत
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बजट सत्र के पहले दिन उम्मीद जताई कि लोकतंत्र की सभी मर्यादाओं का पालन करते हुए सभी सदस्य चर्चा के माध्यम से जनआकांक्षाओं की पूर्ति में योगदान देंगे। उन्होंने कहा कि देश को अपेक्षा है कि इस सत्र में सभी प्रकार के विचारों की प्रस्तुति हो और उत्तम मंथन से उत्तम अमृत निकले।

आजादी के दीवानों के सपने सिद्ध करने का स्वर्णिम अवसर
पीएम मोदी ने कहा कि आजादी के दीवानों ने जो सपने देखे थे, उन सपनों को तेज गति से सिद्ध करने का यह स्वर्णिम अवसर अब देश के पास आया है। इस दशक का भरपूर उपयोग हो इसलिए इस सत्र में पूरे दशक को ध्यान में रखते हुए चर्चाएं हों।