रिपब्लिक डे 2021ः आखिर क्यों मनाया जाता है गणतंत्र दिवस, जानिए पूरा इतिहास

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नई दिल्ली
भारत आज अपना 72वां गणतंत्र दिवस मना रहा है। हर साल जनवरी की 26 तारीख को देश में गणतंत्र दिवस मनाया जाता है। इस मौके पर देशवासियों का हर्षोल्लास देखने लायक होता है। कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक पूरा भारत एक रंग में रंगा नजर आता है। हमारे इस गौरवशाली गणतंत्र का भी एक इतिहास है।

क्यों मनाया जाता है गणतंत्र दिवस
देश में संविधान की स्थापना दिवस के रूप में 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस मनाया जाता है। भारत में 26 जनवरी 1950 को ही देश का संविधान लागू हुआ था। इस दिन भारत में भारत सरकार अधिनियम (1935) को निरस्त कर नए सविंधान लागू करते हुए नए संविधान को पारित कर दिया था। उसी के बाद से हर साल 26 जनवरी के दिन को राष्ट्रीय पर्व के तौर पर मनाया जाता है।

पहली बार 26 जनवरी को ही भारत को पूर्ण गणराज्य घोषित किया गया था
आपको बता दें कि सबसे पहले 26 जनवरी 1929 को लाहौर कांग्रेस अधिवेशन में भारत को पूर्ण गणराज्य का दर्जा दिलाने का प्रस्ताव पेश किया गया था जिसे अंग्रेजों ने नामंजूर कर दिया था। इसके बाद 26 जनवरी 1930 को कांग्रेस ने भारत को पूर्ण गणराज्य की घोषणा कर दी थी। संविधान निर्माण की शुरुआत 9 दिसंबर 1946 को हुई थी जिसे बनने में कुल 2 साल 11 महीने और 18 दिन लग गए। 26 नवंबर 1949 को संविधान को सभापति को सौंप दिया गया जिसके बाद 26 जनवरी 1950 को इसे आधिकारिक तौर पर लागू कर दिया गया। हमारा देश संविधान के मुताबिक ही चलता है।

गणतंत्र दिवस के दिन होता है देश के शौर्य का प्रदर्शन
गणतंत्र दिवस के मौके पर हर साल राजपथ पर सेना के अदम्य शौर्य का प्रदर्शन किया जाता है। भारत की तीनों सेनाएं इस मौके पर दुनिया को भारत की ताकत का एहसास कराती हैं। इस मौके पर अलग-अलग राज्यों की सांस्कृतिक झांकी निकलती है जिसके जरिए यह बताने की कोशिश की जाती है कि विविधता में एकता ही भारत की पहचान है।